बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़)

Business Registration Kaise Kare : आज हर कोई अपना व्यापार शुरू करना चाहता है। अगर आप भी उनमें से एक है जिनके मन में एक व्यापारिक विचार है और उस विचार के दम पर आप समाज की मदद करने के बारे में सोच रहे है, तो यह व्यापारिक विचार आपको काफी अच्छा पैसा दे सकता है।

इसके लिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करें? की प्रक्रिया आपको पता होनी चाहिए ताकि आपका व्यापार कानूनी तौर पर रजिस्टर हो सके और उसे समाज में एक मान्यता मिल सके।

Business Registration Kaise Kare
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किसी भी व्यापार की जानकारी सरकार को देने की प्रक्रिया ही बिजनेस रजिस्ट्रेशन कहलाती है। मगर केवल इतना मात्र समझ लेने से आप अपने व्यापार का बिजनेस रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। बिजनेस रजिस्ट्रेशन यह एक सरल मगर आवश्यक प्रक्रिया है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है।

आज हम इसी समस्या का निराकरण करते हुए आपके समक्ष कुछ ऐसे तरीके प्रस्तुत करेंगे, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने व्यापार को एक कानूनन मान्यता दे सकते हैं।

बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़) | Business Registration Kaise Kare

बिजनेस रजिस्ट्रेशन क्या होता है?

जैसा कि हमने आपको बताया अपने व्यापार की जानकारी सरकार को देना बिजनेस रजिस्ट्रेशन कहलाता है। अगर हम इस प्रक्रिया को परिभाषित करें तो कहेंगे कि बिजनेस रजिस्ट्रेशन आपको एक ऐसा दस्तावेज मुहैया करवाता है, जो प्रमाणित करता है कि आप सही तरीके से सरकार के सभी नियमों का पालन करते हुए अपने व्यापार में प्रोडक्ट या सर्विस का निर्माण कर रहे है और बिना किसी नियम का उल्लंघन किए आप अपने ग्राहक को सुविधा दे रहे हैं।

साथ ही सरकार के खाते में आपके व्यापार को मान्यता दिया जाता है ताकि आप सरकार के तरफ से मिलने वाले सभी योजनाओं के लाभ को उठा सकें। 

यूं तो बिजनेस रजिस्ट्रेशन 4 तरह के कागज का मिश्रण है। मगर यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसका इस्तेमाल करके आप सरकार के द्वारा दी जाने वाली सभी व्यापारिक सुविधाओं का लाभ ले पाएंगे और अपने व्यापार से होने वाली कमाई के आधार पर सरकार को देश के तरक्की के लिए टैक्स दे पाएंगे।

आप किस तरह अपने व्यापार को सरकार के खाते में रजिस्टर करवाने और मान्यता प्राप्त करने के लिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करेंगे, उसके बारे में नीचे सरल शब्दों में बताया गया है।

बिजनेस रजिस्ट्रेशन के प्रकार

आज लोग अलग-अलग तरह के व्यापार बना रहे हैं। हर व्यापार को समझने और उसके कार्य प्रणाली का लेखा-जोखा रखने के लिए सरकार ने व्यापार को अलग-अलग श्रेणी में विभाजित किया है। जिसके आधार पर बिजनेस रजिस्ट्रेशन का अलग-अलग प्रकार बनाया जाता है, जिसे सरल शब्दों में नीचे समझाया गया है। 

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

यह एक ऐसी कंपनी होती है, जिसमें बहुत सारे लोग पैसा लगाते हैं और कंपनी के ऐसेट और लेबिलिटी को आपस में विभाजित कर देते है। जिससे मुनाफा और खर्चा दोनों सभी के बीच बराबर बट जाता है और कंपनी चलती है।

इसमें जो व्यक्ति सबसे ज्यादा खर्च उठाता है, उसे कंपनी का मालिक माना जाता है और उसे कंपनी का सबसे ज्यादा मुनाफा भी दिया जाता है।

इस तरह की कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कहते है और बिजनेस रजिस्ट्रेशन के प्रकार से अगर बात की जाएं तो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बिजनेस रजिस्ट्रेशन के नाम से जाना जाता है।

पब्लिक लिमिटेड कंपनी

इस तरह की कंपनी के लिए नियम कानून को पहली बार 2013 में बनाया गया। यह एक ऐसी कंपनी होती है, जिसमें कंपनी के खर्च को साधारण पब्लिक के पैसे से लिया जाता है। मतलब कंपनी का शेयर, शेयर बाजार के जरिए बेचा जाता है और आने वाले पैसे से कंपनी में प्रोडक्ट बनता है।

उसके बाद कंपनी को मुनाफा होता है, तो कंपनी को चलाने वाला एक व्यक्ति कुछ मुनाफा पर रखकर बाकी मुनाफा शेयर बाजार में शेयर खरीदे हुए लोगों के बीच बांट देता है।

सरल शब्दों में पब्लिक लिमिटेड कंपनी के लिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन इस आधार पर होता है कि उस कंपनी का अधिकांश पैसा साधारण लोग शेयर खरीद कर दे रहे हैं।

पार्टनरशिप फर्म 

इस तरह के व्यापार का बिजनेस रजिस्ट्रेशन अलग तरीके से होता है। इस तरह के व्यापार के लिए नियम कानून सबसे पहले 1932 में बनाया गया पार्टनरशिप व्यापार का मतलब होता है। दो या दो से अधिक लोगों के समूह ने आपस में समझौता कर लिया है कि किस तरह से खर्च और मुनाफे को बांटा जाएगा और उसके आधार पर उन्होंने एक व्यापार शुरु किया है।

वन पर्सन कंपनी 

अभी हाल ही में जितने व्यापार शुरू हो रहे है ज्यादातर व्यापार इस कांसेप्ट पर आधारित होते है। वन पर्सन कंपनी का मतलब होता है एक ऐसा व्यापार जिसमें एक व्यक्ति कंपनी का मालिक होता है। वह जिस तरह का फैसला करेगा वह कंपनी का फैसला होगा और वह जैसे चाहे कंपनी को वैसे चला सकता है।

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सेक्शन 8 कंपनी

यह एक ऐसी कंपनी होती है जिसे मुख्य रूप से नन प्रॉफिटेबल कंपनी कहा जाता है। इसमें फायदा कमाने के लिए कंपनी को शुरू नहीं किया जाता। इस तरह के बिजनेस को शुरू करने का मुख्य मकसद चैरिटी करना होता है या फिर समाज में कुछ सुधार लाना होता है।

इस तरह के व्यापार या कंपनी को शुरू करते वक्त आपके पास कम से कम 2 शेयर होल्डर और 2 डायरेक्टर होने चाहिए। अगर आप इस तरह का कोई व्यापार या कंपनी शुरू कर रहे है, तो इसके लिए आपको जो दस्तावेज दिया जाएगा। वह अलग तरह का होगा।

ऊपर बताए गए तरीके में से आपकी कंपनी चाहे किसी भी तरह की हो, आपको बिजनेस रजिस्ट्रेशन तो करना ही पड़ेगा और इसके लिए नीचे बताए गए निर्देशों का पालन करना होगा। सबसे पहले किस तरह का व्यापार कर रहे है? और आपकी कंपनी या बिजनेस किस क्षेत्र में आता है? इसका चयन करें और उसके बाद नीचे बताए गए निर्देशों का आदेश अनुसार पालन करें।

बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

बिजनेस रजिस्ट्रेशन बहुत ही सरल होता है। लोगों को जानकारी के अभाव में यह पता नहीं होता कि किस स्थान पर जाकर किस तरह का दस्तावेज लेना है। जिस वजह से यह तरीका बहुत भागदौड़ वाला बन जाता है।

अगर आप नीचे बताए गए निर्देशों का आदेश अनुसार पालन करेंगे, तो आप बिना अधिक भागदौड़ के बड़े आराम से अपने लिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे। इसके मुख्य रूप से 4 तरीके होते है।

  • जिला कार्यालय में रजिस्ट्रेशन
  • उसके बाद अपने व्यापार के लिए निगम लाइसेंस प्राप्त करें
  • सभी सेफ्टी डिपार्टमेंट से एनओसी लें
  • फैक्ट्री लाइसेंस प्राप्त करें
  • उसके बाद अपने व्यापार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराएं

ऊपर बताए गए इन चारों तरीकों को एक के बाद एक नियम अनुसार पालन करने पर आपके व्यापार का बिजनेस रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। ऐसा आप किस तरह से कर सकते है इसके लिए जानकारी दी गई है।

जिला कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवाएं

किसी भी उद्योग या व्यापार को शुरू करने से पहले आपको अपने जिला कार्यालय में उस व्यापार कर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इसके लिए आपको अपने जिला उद्योग कार्यालय में अपना पहचान पत्र, अपना एड्रेस प्रूफ, जिस चीज का व्यापार शुरू करना चाहते है उसकी जानकारी, जिस जगह कारोबार शुरू करना चाहते है उस जगह से जुड़े सारे दस्तावेज लेकर जाएं और बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए एक आवेदन पत्र दें।

जिला कार्यालय रजिस्ट्रेशन में लगने वाले दस्तावेज

कुछ प्रमुख दस्तावेज हैं जिन्हें लेकर आपको जिला उद्योग कार्यालय में जाना है और अपने बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन पत्र देना है –

  • आधार कार्ड या कोई भी पहचान पत्र
  • अपना परमानेंट ऐड्रेस प्रूफ
  • आप जिस जमीन पर अपना व्यापार शुरू करना चाहते है अगर वह आपकी जमीन है, तो इसका प्रूफ अगर वह रेंट पर है तो रेंट का प्रूफ
  • जिस चीज का उद्योग खोलना चाहते है. उस व्यापार के लिए लगने वाले इक्विपमेंट की जानकारी एक कागज में लिखित रूप से किस तरह की क्विपमेंट खरीदे जा रहे है इसका प्रूफ
  • व्यापार शुरू करने से पहले या वर्तमान समय में आपका आय प्रमाण पत्र

निगम लाइसेंस प्राप्त करें

प्रत्येक नगर में एक नगर निगम बनाया जाता है, वहां से अपने व्यापार के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है। अगर वह लाइसेंस आपके पास है तो इसका मतलब कि आप अपने व्यापार को शुरू कर सकते है।

किसी व्यापार के लिए निगम लाइसेंस प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध है। आप किसी भी तरीके से अपने व्यापार के लिए एक निगम लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते है, जिसके मिलने के बाद आप अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं।

अगर आप निगम लाइसेंस प्राप्त करना चाहते हैं, तो अपने इलाके के नगर निगम में बताए गए दस्तावेज के साथ जाएं और निगम लाइसेंस के लिए बात करें। इसमें आपको छोटी सी शुल्क अदा करनी होगी। अगर हम ऑनलाइन तरीके की बात करें तो गूगल पर निगम लाइसेंस और अपने शहर का नाम लिखकर सर्च करें। आपको आपके शहर के नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट मिल जाएगी, जहां से आप निगम लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

निगम लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज

अगर आप अपने व्यापार के लिए निगम लाइसेंस चाहते हैं, तो नीचे बताए गए आवश्यक दस्तावेज को सबसे पहले जुटाए उसके बाद आवेदन करें।

  • जिला उद्योग कार्यलय की रजिस्ट्रेशन कॉपी।
  • जहां आप अपना उद्योग शुरू करना चाहते है उस जमीन का मालिकाना हक या रेंट पर है तो रेंट की कॉपी।
  • एक कागज पर साफ और स्पष्ट रूप से अपने व्यापार का पूरा प्लान डिटेल और जिस तरह के इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा उसकी जानकारी साथ ही उसे खरीदने के बिल की कॉपी।
  • आपका पासपोर्ट साइज फोटो और लाइसेंस की फीस

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सेफ्टी डिपार्टमेंट से एनओसी

आजकल किसी भी व्यापार को शुरू करने से पहले आपको उस व्यापार से जुड़ी एनओसी जमा करनी होती है। इसका सीधा सा मतलब है कि आप अगर किसी व्यापार को शुरू कर रहे हैं, तो उससे किसी व्यक्ति को और किसी भी पर्यावरण से जुड़े चीज को परेशानी नहीं हो रही।

  • आपको सबसे पहले अपने शहर के पर्यावरण विभाग में जाकर वहां के सेफ्टी डिपार्टमेंट से एनओसी लेना है और अपने व्यापार का पूरा प्लान डिटेल उन्हें बताना है।
  • इसके बाद आप जहां व्यापार शुरू करना चाहते हैं, वहां आसपास कौन रह रहा है? और क्या कर रहा है? उन सभी लोगों से बात करें और एक लिखित कागज पर उनसे हस्ताक्षर करवाए कि उन्हें आपके व्यापार से किसी भी तरह की समस्या नहीं है।
  • आपके व्यापार में आग लग जाएं तो बचने के लिए क्या संभावना है? इन सभी बातों को भी अपने डिटेल में बताना होगा और फायर डिपार्टमेंट से भी एनओसी इकट्ठा कर ले। 

फैक्ट्री लाइसेंस 

ऊपर बताई गई सभी जानकारी का आदेश अनुसार पालन करने के बाद आप अपने व्यापार को शुरू कर सकते हैं। मगर आपके व्यापार के पास एक फैक्ट्री लाइसेंस होने पर ही आपके व्यापार को पूर्ण तरह सरकार की मान्यता मिलेगी।

इस वजह से व्यापार को शुरू तो किया जा सकता है, मगर उसे पूरी तरीके से सरकार की मान्यता और टैक्स के निर्धारित कार्य को पूरा करने के लिए फैक्ट्री लाइसेंस की आवश्यकता होगी। किसी भी उद्योग को शुरू करते वक्त उसके फैक्ट्री लाइसेंस को चीफ फैक्ट्री इंस्पेक्टर मुहैया करवाता है।

अपने व्यापार में फैक्ट्री लाइसेंस की जानकारी लेने के लिए अपने शहर के लेबर डिपार्टमेंट में चाहिए। लेबर डिपार्टमेंट में आपको अपने व्यापार का पूरा डिटेल जमा करना होगा, जिसे देखने के बाद वह आपको आपके लघु उद्योग के लिए फैक्ट्री लाइसेंस देंगे।

फैक्ट्री लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • नगर निगम लाइसेंस
  • Environmental Department की NOC
  • आपके लघु उद्योग की प्लान कॉपी जिसमें सभी इक्विपमेंट्स की जानकारी हो।
  • फायर डिपार्टमेंट की एनओसी
  • एक फ्लो चार्ट जिसमें आप बताइए कि कैसे आप प्रोडक्ट को बनाएंगे और कैसे उसे बेचेंगे।
  • छोटी सी सर्टिफिकेट फीस

अपने व्यापार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराएं

अगर आप कोई व्यापार शुरू करते हैं, तो उससे होने वाले मुनाफे के अनुसार आपको सरकार को टैक्स देना पड़ता है जिसके लिए अपने व्यापार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।

आज अलग अलग तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता। केवल एक तरह का टैक्स लगता है जिसे जीएसटी कहा जाता है। अगर आप कोई व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो अपने नगर निगम से आफ जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

FAQ

बिजनेस रजिस्ट्रेशन क्या है?

बिजनेस रजिस्ट्रेशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो आपके व्यापार को सरकार के खाते में मान्यता देता है और व्यापारियों के लिए सरकार के द्वारा लाई जाने वाली नई योजनाओं का लाभ आपको मिल पाता है।

बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करवाते हैं?

अगर आप अपने व्यापार का रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने शहर के जिला उद्योग कार्यालय में आवेदन देना होगा और वहां से मिलने वाले सर्टिफिकेट को अपने नगर निगम में जमा करवाकर निगम लाइसेंस लेना है, जिसके बाद लेबर डिपार्टमेंट से फैक्ट्री लाइसेंस के लिए आवेदन करें और अंत में अपने व्यापार का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाएं जो आप नगर निगम से करवा सकते हैं।

बिजनेस रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए किस चीज की आवश्यकता होती है?

अपने बिजनेस का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आपके पास एक कागज पर डिटेल रूप से लिखा हुआ होना चाहिए कि किस तरह का व्यापार आप करना चाहते हैं और किस तरह के इक्विपमेंट का उसमें इस्तेमाल करेंगे। उन सभी इक्विपमेंट में को खरीदने का बिल भी उसमें लगाएं। उसके बाद जिस जमीन पर व्यापार करना चाहते हैं उसका मालिकाना हक या रेंट की कॉपी, अपना एड्रेस और पहचान प्रमाण पत्र कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिनके आधार पर आप अपने व्यापार का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

निष्कर्ष

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को बिजनेस रजिस्ट्रेशन कैसे करें? ,प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ ( Business Registration Kaise Kare) के बारे में पूरी कंप्लीट जानकारी दी है और हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी आप लोगों के लिए उपयोगी और सहायक सिद्ध हुई होगी।

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