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कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस कैसे शुरू करें?

Kadaknath Poultry Farming Business In Hindi: जिन्हें मांसाहारी भोजन करना पसंद है वे चिकन के स्वाद से तो अच्छी तरीके से वाकिफ होंगे। इसीलिए चिकन की डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा है। हालांकि आपने अब तक सफेद रंग के चिकन देखे होंगे लेकिन क्या काले रंग का चिकन देखा है? बता दे कि अब बाजार में काले रंग का भी चिकन मिलता है, जिसे कड़कनाथ चिकन कहा जाता है और आजकल ज्यादातर मुर्गे पालन में कड़कनाथ चिकन पाला जा रहा है।

मार्केट में इस चिकन की स्वाद जैसे फैली इसका डिमांड भी काफी बढ़ गया। आज इस चिकन की कीमत अन्य चिकन की तुलना में काफी ज्यादा है। इसीलिए इसका व्यवसाय करना बहुत फायदेमंद है। यदि आप भी पोल्ट्री फार्म का व्यवसाय करने का सोच रहे हैं तो कड़कनाथ चिकन का व्यवसाय करना बहुत अच्छा तरीका होगा इससे ज्यादा मुनाफा कमाने का।

Kadaknath Chicken poultry Farmin
Image: Kadaknath Poultry Farming Business In Hindi

लेख को अंत तक पढ़े। क्योंकि लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि किस तरीके से आप कड़कनाथ चिकन का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं? (Kadaknath Poultry Farming Business In Hindi), आपको यह चिकन कहां से मिलेगा और कितना मुनाफा इससे आप कमा सकते हैं? इत्यादि।

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कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस कैसे शुरू करें? | Kadaknath Poultry Farming Business In Hindi

Table of Contents

कड़कनाथ चिकन क्या होता है?

कड़कनाथ चिकन को कालीमासी के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा चिकन है, जो काले रंग का होता है। यहां तक कि इसका मांस, खून और चोंच भी काला होता है और यह सफेद चिकन के मुकाबले काफी कम कोलेस्ट्रॉल रखता है।

लेकिन इसमें अमीनो एसिड का स्तर बहुत ज्यादा पाया जाता है। इस चिकन का स्वाद भी अन्य देशी चिकन की तुलना में काफी अलग होता है। यह चिकन हृदयरोग और डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

कड़कनाथ चिकन मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ब्रीड है। लेकिन अब यह देश के कई हिस्सों में पाया जाने लगा है जैसे कि महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु। धीरे-धीरे जिस तरीके से इस मुर्गे की डिमांड बढ़ रही है। पूरे देश में इस मुर्गे का पालन शुरू हो गया।

कड़कनाथ मुर्गे का ही चयन क्यों करें?

यदि आप अपना पोल्ट्री फॉर्म खोलना चाहते हैं तो उसके लिए कड़कनाथ मुर्गे का चयन करना काफी फायदे का सौदा हो सकता है। क्योंकि इसके बहुत सारे फायदे हैं जो निम्नलिखित हैं:

  • कड़कनाथ नस्ल की मुर्गे के मांस और उसके अंडे मार्केट में अन्य मुर्गो की तुलना में ज्यादा बिकते हैं, इसलिए उसका डिमांड भी हमेशा बना रहता है।
  • कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे का मांस सेहत के लिए काफी बेहतर माना जाता है। यह शरीर के कई प्रकार की बीमारियों में फायदेमंद है।
  • मार्केट में अन्य मुर्गे की तुलना में कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे का मांस और इसके अंडे ज्यादा दाम में बिकते हैं, जिससे इसमें कमाई भी बहुत ज्यादा होती है।
  • इस नस्ल के मुर्गे में प्रोटीन की मात्रा भरपूर पाई जाती है। वहीँ कोलेस्ट्रॉल और फेट की मात्रा काफी कम होती है, जिसके कारण यह सेहत को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाता है, इसलिए ज्यादातर लोग इस तरह के मुर्गे को खाना पसंद करते हैं।
  • कड़कनाथ मुर्गे को पालना भी आसान है और यह बहुत जल्दी तैयार भी हो जाते हैं।
  • इस नस्ल के मुर्गे का इम्यूनिटी सिस्टम बहुत अच्छा होता है, जिसके कारण इनमें बीमारियों के फेरने का प्रकोप बहुत कम होता है।
  • अभी देशभर में कड़कनाथ मुर्गे का व्यवसाय इतना ज्यादा नहीं फैला है, जिसके कारण कंपटीशन भी अभी ज्यादा नहीं है। इसीलिए आपको इसमें जल्दी सफलता मिल जाएंगी।

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कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस के लिए जगह का चयन और आवश्यकता

कड़कनाथ मुर्गे पालन के व्यवसाय के लिए आपको काफी ज्यादा जगह की आवश्यकता पड़ेगी। साथ ही आपको इस व्यवसाय के लिए जगह का चयन ऐसे जगह पर करें, जो शहर से दूर खुले स्थान पर हो। क्योंकि मुर्गे पालन का व्यवसाय खुली स्थान पर ज्यादा अच्छा होता है। शहर से दूर जगह चुनने का यह फायदा होगा कि वहां पर आपको जमीन सस्ते में मिल जाएगी साथ ही वहां पर लेबर भी आपको बहुत सस्ते में मिल जाएंगे।

इस बात का ध्यान रखें कि यदि आप सौ चिकन रखते हैं तो 150 वर्ग फिट जगह की जरूरत पड़ेगी। वहीँ 1000 मुर्गे के लिए 15 सौ वर्ग फीट जगह कि आवश्यकता पड़ेगी। आप इस व्यवसाय के लिए जितने भी जगह का चयन करते हैं, उतने में आपको मुर्गे को दिए जाने वाले दाने और चारे को रखने के लिए भी एक छोटा सा घर बनाना पड़ेगा।

साथ ही मुर्गा और मुर्गी को भी रखने के लिए लकड़ी का घर बनाना पड़ेगा और उसी स्थान पर बिजली-पानी की सही व्यवस्था हो तो इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर जगह का चयन करें।

कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति

कड़कनाथ मुर्गे पालन का व्यवसाय इतना आसान नहीं है, जिसे आप अकेले स्वयं संभाल सकते हैं। इस व्यवसाय के लिए आपको काफी मेहनत करने की जरूरत है और समय देने की जरूरत है।

इसीलिए आपको इस व्यवसाय को सही तरीके से संभालने के लिए कुछ लोगों को अपने साथ मदद के लिए रखना पड़ेगा, जिससे कुछ लोग मुर्गे का सही से देखभाल कर सके, उनको सही समय पर खाना-पानी दे सके। इसके अतिरिक्त कुछ कर्मचारी जगह की साफ सफाई कर सके।

कड़कनाथ के पालन में इन बातों का रखना होगा

  • पोल्ट्र फॉर्म के साफ सफाई का ध्यान रखें।
  • शेड में हर घरी प्रकाश रहे और हवा जाने के लिए पर्याप्त जगह रहे।
  • शेड में स्वस्थ्य चूजे और मुर्गियां रखें। बीमार मुर्गे मुर्गियों को अलग रखें ताकि उनके कारण अन्य में बीमारी ना फैले।
  • अपने फॉर्म को ऊंचाई पर बनाए ताकि बारिश के मौसम में पानी जमाव होने की समस्या उत्पन्न ना हो।
  • मुर्गे-मुर्गियों को अंधेरे में खाना ना दे।
  • इन्हें पानी पीने देने वाले बर्तन को दो-तीन दिन में साफ करें।
  • सभी मुर्गे मुर्गियों के स्वास्थ्य का सही से ख्याल रखें और इन्हें सही समय पर टीका लगवाएं, कुछ भी बीमारी का लक्षण दिखे तो तुरंत दिखाएं।
  • कड़कनाथ चिकन का सही से पालन करने के लिए सरकार द्वारा भी कई सारी ट्रेनिग चलाई जाती है, जिसका हिस्सा बनकर आप इनके पालन संबंधित सभी सावधानियों को जान सकते हैं।

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कड़कनाथ मुर्गे कहां से प्राप्‍त कर सकते है?

कड़कनाथ चिकन के व्यवसाय के लिए आप इस मुर्गे के चूज़े को इंटरनेट पर ऐसे कई पोल्ट्री फॉर्म मिल जाएंगे, जहां से मंगवा सकते हैं। इसके अलावा आसपास के किसी नजदीकी पोल्ट्री फॉर्म जहां पर इस नस्ल के मुर्गे पाले जाते हैं, उनसे खरीद सकते हैं।

किस तरह से मांस निकाले?

कड़कनाथ चिकन का विकास होने में 100 से 115 दिन लग जाते हैं, जिसके दौरान ये 1.5 से 2 किलोग्राम तक बढ़ जाते हैं। जब एक बार अच्छे तरीके से इनका विकास हो जाता है तो आप उनके मांस को निकाल सकते हैं।

लेकिन कड़कनाथ चिकन का मांस निकालते वक्त आपको बहुत सावधानी रखनी पड़ेगी और मांस निकालना भी इतना आसान नहीं है। इसीलिए आप चिकन का मांस निकालने के लिए भी अलग से कर्मचारी को नियुक्त कर सकते हैं।

मांस निकालने के बाद उसे सही टुकड़ों में काटकर और साफ करके पैकेट में पैक करें। चिकन के मांस को एक-दो दिन के लिए फ्रिज में स्टोर करके रख सकते हैं लेकिन उसको ज्यादा दिनों तक स्टोर करके ना रखें समय से पहले इसको बाजार में बेचें।

अंडों को छांटें

कड़कनाथ मुर्गी द्वारा दिए गए सब अंडे जरूरी नहीं कि क्वालिटी में अच्छे हो। अंडो की क्वालिटी के हिसाब से उनके रंग में भी अंतर देखने को मिलता है, इसलिए जिस भी अंडे की क्वालिटी आपको अच्छी नहीं लग रही है, उन्हें अलग से छांट कर रखें ताकि जो अंडे की क्वालिटी अच्छी है उन्हें आप ऊच्चे दाम पर बेच सकें और जिसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है उसे कम दाम पर बेचें।

पैकेजिंग

अंडे और कड़कनाथ के मुर्गे के मांस को बेचने के लिए आपको उन्हें लिफाफे में अच्छे से पैक करना होगा। जब आप इन्हें लिफाफे में पैक करें तो अच्छे से सावधानी रखें। क्योंकि अंडे बहुत आसानी से टूट सकते हैं, इसीलिए कागज की ट्रे का उपयोग करें आपको ये ट्रे बाजार में आसानी से मिल जाते हैं।

इसके अतिरिक्त इन्हे पैक करने के लिए जिस लिफाफे का इस्तेमाल कर रहे हैं, उस लिफाफे पर आप अपने पोल्ट्री फॉर्म का नाम या लोगो भी छपवा सकते हैं, जिससे आपके व्यवसाय की मार्केटिंग अपने आप हो जाएगी।

इससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को आपके फॉर्म के बारे में पता चलेगा और क्वालिटी अच्छी होने पर वे हमेशा ही आपकी पोल्ट्री फॉर्म के अंडे और मांस खरीदेंगे।

सरकार द्वारा संचालित योजनाएं

आज कड़कनाथ मुर्गी पालन के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सरकार भी सहयोग दे रही हैं। सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार की संचालित योजनाएं लोगों को इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बढ़ावा दे रही है।

कुछ राज्यों में तो सरकार कड़कनाथ मुर्गी पालन के व्यवसाय के लिए कम दाम पर चूजे भी मुहैया करा रही है। साथ ही उनके टीकाकरण की सारी जिम्मेदारी सरकार ले रही है।

यहां तक कि मुर्गे के बड़े होने पर मार्केट भी सरकार के द्वारा दी जा रही है। हालांकि हर राज्यों में राज्य सरकार अलग-अलग योजनाएं इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए संचालित कर रही है। लेकिन इस योजना से आप काफी फायदा ले सकते हैं।

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कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस के लिए लोन और सब्सिडी

जिन लोगों के पास निवेश के लिए ज्यादा पैसे नहीं है, उन लोगों को कड़कनाथ चिकन के व्यवसाय शुरू करने के लिए कई सारी बैंक उन्हें कम दर पर ऋण मुहैया करा रही है। ऐसे में यदि आपके पास भी निवेश की कमी है तो आप इन बैंकों से लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त जो लोग पोल्ट्री कृषि का व्यवसाय करना चाहते हैं, उन्हें सहयोग देने के लिए भारत सरकार पोल्ट्री वेंचर कैपिटल फंड नाम की स्कीम शुरू की है। इस स्कीम की मदद से आप अपने कड़कनाथ चिकन व्यवसाय के लिए सब्सिडी पा सकते हैं। इसलिए आप इस स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ का फायदा उठाईये।

कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस में मार्केटिंग और बिक्री

  • कड़कनाथ मुर्गे का व्यवसाय तेजी से विकास करने के लिए आपको उसकी मार्केटिंग करनी पड़ेगी। इसके लिए आप अपने पोल्ट्री फॉर्म का लोगो और नाम पैकिंग के लिए इस्तेमाल करने वाले लिफाफे में छपवांए।
  • इसके अतिरिक्त आप कुछ पेप्लेंट बनवा कर भी अलग-अलग जगह पर चिपका सकते हैं ताकि लोगों को आप के फार्म की जानकारी हो सके।
  • अंडे और मांस को बेचने के लिए आप नजदीकी मार्केट में जाकर बात कर सकते हैं, इसके अलावा आप चाहे तो किसी कंपनी से सिधे तौर पर संपर्क करके बेच सकते हैं।
  • आप अपने नजदीकी मांसाहारी रेस्टोरेंट्स में जाकर बात कर सकते हैं।
  • आप चाहे तो खुद की एक वेबसाइट भी अपने पोल्ट्री फार्म के नाम से बनवा सकते हैं और लोगों से ऑनलाइन ऑर्डर भी ले सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको उनके घर पर डिलीवरी करना होगा।

कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस से कमाई

जब आप कड़कनाथ चिकन का व्यवसाय करते हैं तो अन्य मुर्गियों के तुलना में इसमें ज्यादा मुनाफा होता है। कड़कनाथ मुर्गी का एक अंडा 40 से 60 रुपए में बिकता है। वहीँ इसके चूजे की कीमत 70 से 100 रुपए तक होती है।

बात करें मुर्गे के मांस की तो उसकी कीमत 500 से 1000 प्रति किलो बाजार में है। इस तरीके से इस मुर्गे की कीमत बाजार में जितनी अधिक है, उसकी मांग भी अन्य मुर्गों की तुलना में बहुत ज्यादा है। तो इस तरीके से समझ सकते हैं कि यह व्यवसाय करके आपको इसमें कितनी ज्यादा कमाई हो सकती हैं।

कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस के लिए पंजीकरण

कड़कनाथ चिकन व्यवसाय के लिए आपको निम्नलिखित लाइसेंस की आवश्यकता होगी।

  • मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के द्वारा अपने फार्म का पंजीकरण करवाएं। इसके वजह से आप सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
  • एमएसएमई उद्योग आधार पर पंजीकरण करवाएं।
  • व्यवसाय का पैन कार्ड
  • कंपनी का निगमन प्रमाणपत्र
  • व्यापार भूमि दस्तावेज
  • राज्य के कानूनों के अनुसार व्यापार लाइसेंस और परमिट होना चाहिए।

FAQ

कड़कनाथ चिकन क्या होता है?

कड़कनाथ चिकन काले रंग का एक अलग नस्ल का चिकन होता है, जो खासकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पाए जाते हैं।

कडकनाथ चिकन के व्यवसाय में कितनी लागत लगेगी?

छोटे स्तर पर कड़कनाथ चिकन के व्यवसाय को 50 से 60 हजार की लागत में शुरू किया जा सकता है।

कड़कनाथ चिकन का चूजा कितने में मिलता है?

कड़कनाथ चिकन का एक चूजा बाजार में 70 से 100 रुपए के बीच में मिलता है।

निष्कर्ष

जो लोग मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू करने का सोच रहे हैं, उनके लिए कड़कनाथ चिकन का व्यवसाय बहुत अच्छा है। इस व्यवसाय से काफी अच्छा खासा मुनाफा कमाया जा सकता है।

हमें उम्मीद है कि आज के लेख से आपको समझ में आ गया होगा कि किस तरीके से आप कड़कनाथ नस्ल के चिकन का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। यदि आज का यह लेख कड़कनाथ पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस कैसे शुरू करें? (Kadaknath Poultry Farming Business In Hindi) अच्छा लगा हो तो इसे जरूर शेयर करें और यदि लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो कमेंट सेक्शन में लिखें।

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