घर बैठे सिलाई का काम कैसे करें?

Silai ka Kaam Kaise Shuru Kare: जैसा कि हम सब जानते हैं आज के समय में काम करना किसी व्यक्ति के लिए कितना ज्यादा जरूरी हो गया है। हर किसी के लिए काम करना, उसके रोजमर्रा को चलाने के लिए आवश्यक है चाहे वह आदमी हो या औरत। देखा जाए तो आदमियों के लिए तो कई प्रकार के ऐसे कार्य होते हैं, जो वे कहीं बाहर जाकर भी कर सकते हैं।

Silai ka Kaam Kaise Shuru Kare
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परंतु महिलाओं के लिए चीज की बहुत सारी समस्याएं होती है। वैसे तो महिलाएं बहुत सारे कार्य में निपुण होती है, परंतु उनके लिए एक सटीक कार्य होना आवश्यक है। इसके लिए वे घर से बैठकर के सिलाई का कार्य (Silai ka Business Kaise Karen) कर सकती है।

घर बैठे सिलाई का काम कैसे करें? | Silai ka Kaam Kaise Shuru Kare

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घर से सिलाई का काम कैसे शुरू करें?

यह तो हम सब जानते हैं कि सिलाई का काम ज्यादातर औरतों के लिए लाभदायक होता है। परंतु कहीं बाहर ना जा कर के घर से अपने काम को करना, वह ज्यादा परिश्रम वाली बात होती है। ऐसे में बहुत सारे लोग घर से काम सिलाई करने वाली युक्ति का उपयोग कर सकते हैं। इस कार्य को महिलाएं घर बैठे कर सकती है और पुरुष भी अपना सहयोग दे सकते हैं। घर बैठे पैसे कमाने के लिए सिलाई एक बहुत अच्छा जरिया है।

यदि आप किसी ऐसे स्थान पर अपने काम को शुरू करते हैं, जहां पास सिलाई के काम आसान है तो इससे तो आपको ज्यादा मुनाफा होगा ही परंतु यदि ऐसा नहीं है तो आप महिलाओं के कपड़े सिलने का कार्य कर सकते हैं। इस कार्य के लिए आपको किसी ज्यादा परिश्रम की जरूरत नहीं है केवल अच्छी सिलाई है और समय सीमा का ध्यान रखना है।

महिलाओं के कपड़ों की सिलाई करके आप बहुत अच्छे पैसे कमा सकते हैं और आसानी से अपना काम निकाल सकते हैं। यदि आप इसके साथ घर पहुंच सेवा देते हैं तो आपकी आमदनी में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इस कार्य के मदद से आप आसानी से छोटे मोटे कपड़े सिल के अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

सिलाई के कार्य के प्रकार

अगर किसी व्यक्ति को सिलाई मशीन चलानी आती है और जिन भी वस्त्रों की जरूरत एक साधारण व्यक्ति को पढ़ती है, वह सब अगर सिलना आता है तो वह व्यक्ति घर बैठे सिलाई मशीन का काम का काम शुरू कर सकता है। सिलाई का काम शुरू करने के लिए आपके पास हुनर का होना बहुत जरूरी है। अगर आपके मन में उस काम को करने के लिए लगन और हुनर दोनों है तो आप सिलाई का काम शुरू कर सकते हैं।

सिलाई करने के लिए बहुत ही अलग-अलग प्रकार के चीज  होते है। सिलाई करने के लिए बहुत सारे प्रकार की वस्त्र होते हैं, जैसे कि महिलाओं के लिए अलग और पुरुष के लिए अलग। पुरुषों के लिए शर्ट, पैंट, ब्लेजर, कुर्ता पाजामा, शेरवानी आदि जैसे वस्त्र है, जो सिलवाने की जरूरत पड़ती है।

महिलाओं के लिए भी कई सरे वस्त्र है, जो दर्जी द्वारा सिले जाते है जैसे: सलवार सूट, लहंगा चोली, साड़ी के ब्लाउज, कुर्ती, फ्रॉक, फॉल, पेटीकोट आदि। ऐसी कई सारी वस्त्र होते हैं, जिसे सिलने के लिए एक दर्जी की जरूरत होती है। अगर व्यक्ति को सिलाई कढ़ाई का काम आता है तो वह उसके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। लोग ऐसी छोटी-छोटी चीज सिलने के लिए दर्जी के पास जाते हैं।

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सिलाई काम के लिए मार्केट रिसर्च

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार की रिसर्च यानी मार्केट में उस कार्य की खोज बीन और मांग का पता करना बेहद जरूरी होता है। आजकल लोग कई तरह के कपड़े पहनना पसंद करते है, कई लोग अलग अलग प्रकार की डिजाईन व स्टाइल के कपड़े पहनना पसंद करते है। इस सब चीजों के बारे मे पता करने के बाद ही कोई व्यक्ति एक अच्छे व्यवसाय को आरम्भ कर सकते है।

बाजार की मांग तो पता करने के लिए आप दो चीजों की मदद ले सकते है। पहला बाजार के दुकानों को देख कर, इसके लिए आपको खुद ही बाजार में घूमना होता है और यह पता करना होता है कि दुकानों में किस प्रकार की मांग ज्यादा बिकती है और किस प्रकार की डिजाइन बाजार के ज्यादा खरीदी जा रही है।

दूसरा इंटरनेट के माध्यम से, इंटरनेट की सुविधा से आपको यह पता लगाना होता है कि बाजार मे लोगों की क्या मांग है और इंटरनेट की दुनिया मे किस प्रकार के कपड़े और किस प्रकार की डिजाइन को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इसके बाद आप एक अच्छा कार्य को शुरू कर सकते है। एक अच्छे व्यवसाय के लिए बाज़ार की गहराई से जांच करना बेहद जरूरी होता है।

सिलाई के लिए कच्चे माल की कीमत और कहां से खरीदे?

सिलाई करने के लिए कच्चे माल के कपड़े की जरूरत होती है, जो सिला हुआ नहीं होता। अगर हम रेडीमेड वस्त्र बना रहे हैं तो उसके लिए हमें खुद से कपड़े खरीदने होते हैं और अक्सर या लोग सोचते हैं कि ज्यादा कपड़े एक साथ लेने से हमें कुछ रुपए में फायदा हो सकता है। इसलिए वह ऐसी जगह की तलाश में होते हैं, जहां उनको अच्छे कपड़े कम दाम में मिल जाए।

ज्यादातर लोग होलसेल मार्केट से कपड़े खरीदना लाभकारी समझते हैं क्योंकि वहां कपड़ा कम दाम में और ज्यादा मिल जाते हैं। कपड़े के प्रकार भी अलग-अलग होते हैं जैसे कि सूट सिलने के लिए अलग कपड़ा, लहंगा सिलने के लिए अलग कपड़ा, ब्लाउस सिलने के लिए अलग कपड़ा। इसलिए कपड़े के हिसाब से अलग-अलग दाम रखे जाते हैं।

अगर आप सूती कपड़ा ले रहे हैं तो वह सिल्क कपड़े से काम दाम का होता है और अगर आप मोटा कपड़ा नहीं रहे हैं तो वह पतले कपड़े से महंगा होगा और कपड़े का दाम जगह के हिसाब से भी रखा जाता है। भारत में ऐसे कई सारी जगह है जहा पर कपड़े बहुत ही सस्ते दाम में मिल जाते है, वहीं कहीं मंहगे, परंतु होलसेल से कपड़ा खरीदना बहुत ही लाभकारी होता है।

सिलाई करने के लिए क्या-क्या मशीनों की जरूरत पड़ सकती है?

सिलाई करने के लिए आपको सिलाई मशीन की जरुरत होती है, ये बाज़ार में आसानी से मिल जाती है। सिलाई करने के लिए आपके पास सिलाई मशीन, सुई, धागा, कैची, इंची टेप, चौक, फर्नीचर आदि सामानों की जरूरत होती है। इन सभी सामग्री में कुल मिलाकर सात से आठ हजार खर्चा होता है।

सबसे ज्यादा दाम में आपको सिलाई मशीन मिलती है। सिलाई मशीन का दाम भी उस पर ही निर्भर करता है। सिलाई मशीन अगर प्रकार की मिलती है अगर सिर्फ हाथ वाली सिलाई मशीन चाहिए तो वो भी मिलती है और पैर वाला चाहिए तो वो भी आसानी से मिल जाती है।

आज के आधुनिक युग में सिलाई मशीन भी अलग-अलग प्रकार के हो गए हैं। मार्केट में ऐसी सिलाई मशीन आ गए हैं, जो सिर्फ एक बटन से अपने आप चलने लगते है। इन सभी मशीनों की जरूरत सिलाई के लिए पड़ती है। यह सब चीजों के बिना सिलाई करना असंभव होता है।

जो भी व्यक्ति सिलाई का कार्य शुरू करना चाहता है, वह पहले से यह सब खरीद के रख सकता है। कोरी व्यापार चालू करने के लिए लागत जरूरी होता है। परंतु इस व्यापार को शुरू करने के लिए आपको कुछ ही सामानों में लागत करने की आवश्यकता पड़ेगी।

सरकार के द्वारा दी जा रही है सिलाई मशीन

भारत के विभिन्न इलाकों में निवास करने वाली महिलाएं जो ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है, उन्हें भी लगभग सिलाई का नॉलेज होता है। ऐसे में ऐसी महिला जो सिलाई थोड़ा बहुत जानती हैं, वह सिलाई करके आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए सरकार प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना के तहत उन सभी महिलाओं को फ्री में सिलाई मशीन देते हैं।

जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है और जो सिलाई मशीन खरीदने की क्षमता में नहीं है। इस योजना से सरकार भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का उद्देश्य है।

ध्यान रहे कि इस योजना का लाभ हर कोई नहीं ले सकता। इस योजना के लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं और इसके लिए कुछ पात्रता है। सरकार के द्वारा बनाए गए इस निश्चित पात्रता को जो पूरा करेगा, वही प्रधानमंत्री के इस योजना का लाभ उठा सकता है।

प्रधानमंत्री सिलाई योजना के लिए पात्रता

प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार के द्वारा बनाए गए पात्रता को पूरा करना जरूरी है और इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता तय की गई है।

  • प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना का लाभ केवल महिलाओं के लिए ही है। पुरुष इसका लाभ नहीं ले सकते।
  • इस योजना का लाभ नहीं महिला ले सकती है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 12000 से कम रुपए हैं।
  • प्रधानमंत्री सिलाई योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष तय की गई है।
  • प्रधानमंत्री के इस योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं या फिर विधवा और विकलांग औरतें ही ले सकती हैं।

आवश्यक दस्तावेज

प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना का लाभ जो भी महिला उठाना चाहती है, उन्हें कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी और उन दस्तावेजों को दिखाने के बाद ही उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा और आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हैं:

  • आय प्रमाण पत्र
  •  पासपोर्ट साइज की फोटो
  • आधार कार्ड
  • वोटर आईडी कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • विकलांग होने पर विकलांग प्रमाण पत्र
  • आवेदक महिला को सिलाई आना जरूरी है

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प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

इस योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले मोबाइल या लैपटॉप के क्रोम ब्राउजर में भारत सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट www.india.gov.in को सर्च करके इस पर जाना पड़ेगा।

वेबसाइट खोलने के बाद आवेदक को इस वेबसाइट पर रजिस्टर होना पड़ेगा, रजिस्टर होने के बाद यूजरनेम और पासवर्ड जनरेट होगा जिसके मदद से लॉगइन करना पड़ेगा।

उसके बाद प्रधानमंत्री सिलाई मशीन योजना पर क्लिक करना होगा। यहां पर क्लिक करते ही अगले पेज पर आवेदन फॉर्म खुल कर आ जाएगा। उसके बाद फार्म का प्रिंट आउट निकालना पड़ेगा। उसके बाद ऑनलाइन सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करके समिट करना पड़ेगा।

फॉर्म में आवेदक का नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर इत्यादि जानकारी भरनी होगी। उसके बाद इस फॉर्म को महिला बाल विकास अधिकारी विभाग में जमा करना पड़ेगा। उसके कुछ दिनों के बाद प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिलाई मशीन आवेदक महिलाओं को दे दिया जाता है।

सिलाई कार्य का प्रोसेस

सिलाई का कार्य करने के लिए किसी प्रकार की योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए आपको प्रैक्टिकल रूप से थोड़ी-बहुत ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। ताकि आप अपने सिलाई को बेहतर तरीके से कर सकें हालांकि कई प्रकार के सिलाई के कोर्स भी मार्केट में उपलब्ध है, जिसके माध्यम से आप अपने सिलाई के बिजनेस को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

सिलाई के कार्य में और अधिक निपुणता ला सकते हैं। सिलाई के साथ-साथ सिलाई के लिए कटिंग के भी कोर्स मार्केट में उपलब्ध है। सिलाई का कार्य जिसे हाथ की कलाकारी का कार्य भी कहा जाता है।

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सिलाई के लिए उपलब्ध कोर्स

सिलाई का कोर्स करने के लिए विद्यार्थी को किसी प्रकार की एजुकेशन की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि आप टेलर डिजाइन के साथ-साथ फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना चाहते हैं तो ऐसे में आपको दसवीं कक्षा या 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। उसके पश्चात आपको फैशन डिजाइनिंग कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा।

सिलाई का कोर्स करने के पश्चात व्यक्ति को टेलरिंग और स्टिचिंग से संबंधित पूरी जानकारी, इस कोर्स में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा आपको ट्रेनिंग भी दी जाएगी और प्रैक्टिकल रूप में भी आपको एक परफेक्ट टेलर बनाया जाएगा।

टेलरिंग का यह पोस्ट करने के लिए आप अपने नजदीक किसी भी ट्रेनिंग सेंटर में दाखिला ले सकते हैं या फिर ऑनलाइन भी इस कोर्स को करने के लिए अपना आवेदन लगा सकते हैं। इस कोर्स को करने के लिए कई प्रकार की प्राइवेट इंस्टिट्यूट है, जहां पर आप रजिस्ट्रेशन फीस भर कर अपना आवेदन लगा सकते हैं। इस कोर्स से संबंधित रजिस्ट्रेशन फीस ₹1000 से ₹15000 तक निर्धारित की गई है।

सिलाई काम के लिए सही लोकेशन

सिलाई व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको एक सही स्थान का उपयोग करना बेहद आवश्यक है। क्योंकि यदि आपका व्यवसाय सही स्थान पर नहीं होगा तो आपको उपभोक्ता भी नहीं मिल पाएंगे। आपको एक ऐसा मुख्य बाजार या आवासीय स्थान के बीच में एक ऐसा क्षेत्र खोजना होगा, जहां पर आपको आसानी से सिलाई करवाने वाले लोग मिल सके।

इसके अलावा यदि आप किसी कार्यालय के आसपास इस व्यवसाय को शुरू करेंगे तो वहां पर आपको इसके उपयोगी को खोजने में परेशानी हो सकती है। इस कार्य के लिए आपको किसी ऐसे स्थान को खोजने की आवश्यकता पड़ सकती है, जिस स्थान पर इस प्रकार का ज्यादा व्यवसाय ना हो।

यदि आपको कोई आपके जैसा प्रतियोगी मिल गया तो आपके व्यापार में इतना ज्यादा उन्नति या लाभ नहीं हो पाएगा। इसलिए आवश्यक है कि आप किसी ऐसे स्थान को चुनें, जहां पर केवल आप इकलौते सिलाई के व्यवसायिक रहे। इसके लिए आप गांव के एरिया या फिर किसी ऐसे स्थान को चुन सकते, जहां पर लोग बार-बार बाहर जाकर सिलाई के कार्य को देना पसंद नहीं करते हैं।

सिलाई का काम शुरू करने के लिए लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन

सिलाई का काम शुरू करने के लिए किसी भी प्रकार की लाइसेंस की जरुरत नहीं पड़ती। यह काम कोई भी व्यक्ति कभी भी शुरू कर सकता है। सिलाई का काम एक छोटा व्यापार होता है, जो एक घर या छोटे दुकान से भी शुरू किया जा सकता है।

सिलाई काम अधिक बढ़ जाने से जब वह बड़े व्यापार में बदल जाता है और यदि आपकी वेतन महीने में एक बार मिलती है तो आपको रजिस्ट्रेशन करने की जरुरत होती है। सिलाई के काम के लिए लाइसेंस तो जरुरी नहीं पर रजिस्ट्रेशन की जरुरत होती है।

किसी भी दर्जी और सिलाई के काम करने वाले व्यक्ति के लिए जब महीने में वेतन निश्चित कर दिया जाता है तो उसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होता है, इससे भविष्य में कोई भी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता। या फिर जिस मार्केट में आप काम करते है वह छोटी मोटी टैक्स की वसूली होती रहती है।

रजिस्ट्रेशन के बाद आपको महीने में टैक्स चुकाना होगा। सिलाई का काम या छोटे मोटे व्यापार जो घर से शुरू किए जा सकते है, उनके लिए कोई भी बंदिस नहीं रखी गई है और कार्य की शुरुवात आप अपने ढंग से कर सकते है।

सिलाई का काम कैसे पाएं?

जब आप सिलाई का कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह से रेडी रहते हैं तो जरूरी नहीं कि आपको शुरुआत में आर्डर मिलना शुरू हो जाए, इसके लिए आपको अपने सिलाई कि व्यवसाय की जानकारी हर तक पहुंचाने पड़ेगी। यानी कि आपको अपने सिलाई के व्यवसाय को प्रमोट करना पड़ेगा और इसके लिए आप पेंप्लेंट छपवा कर बटवा सकते हैं।

चाहे तो आप न्यूज़ पेपर में विज्ञापन भी दिलवा सकते हैं। वैसे आज सोशल मीडिया का समय है तो आप बहुत आसानी से सोशल मीडिया पर भी अपने सिलाई के व्यवसाय का प्रचार प्रसार करवा सकते हैं। अपने अच्छे अच्छे डिजाइन के सिले हुए कपड़े के इमेज को लगा सकते हैं, जिसे देख लोग आपको आर्डर दे सकते हैं।

ज्यादा से ज्यादा आर्डर पाने के लिए आप होलसेलर से भी संपर्क कर सकते हैं, उन्हें दिखाने के लिए आप अच्छी डिजाइन की कुछ कपड़े रेडी करके रख सकते हैं।

इसके अतिरिक्त बहुत सारी ऐसी वेबसाइट है, जहां पर आप क्लाइंट से आर्डर लेकर कपड़े सिल सकते हैं। ध्यान रहे इंटरनेट पर बहुत सारे फेक वेबसाइट भी है, इसीलिए जिस वेबसाइट पर शंका हो रही हो, वहां पर अपने फोन नंबर और अपनी प्राइवेट जानकारी ना डालें। जिस पर भरोसा हो उसी वेबसाइट से संपर्क करें।

सिलाई का काम ढूंढने से पहले आपको सिलाई के बारे में अच्छी खासी नॉलेज भी होनी जरूरी है। यदि आप एक प्रोफेशनल सिलाई का कार्य करते हैं तो आप किसी कंपनी में सिलाई काम के लिए संपर्क कर सकते हैं।

यदि आपको आर्डर नहीं मिलता है तभी आप खुद कपड़े खरीद कर अच्छे अच्छे डिजाइन के कपड़े सिल सकते हैं और उन्हें Flipkart, Amazon जैसे ड्रॉपशिपिंग वेबसाइट पर बेंच सकते हैं। इन वेबसाइट पर लाखों करोड़ों लोग अपने प्रोडक्ट को बेचकर व्यवसाय कर रहे हैं।

यहां पर आपको कुछ नहीं करना पड़ता। इन वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट को सेलिंग करने के लिए कुछ प्रोसेस होता है और कुछ रूल्स रेगुलेशन होता है, उन्हें फॉलो करने के बाद बस आपको अपने सीले गए कपड़े के इमेज को अपलोड करना पड़ता है और जिस किसी भी कस्टमर को आपके कपड़े की डिजाइन पसंद आती है।

वह उसका आर्डर दे देता है और फिर इसी ई-कॉमर्स कंपनी के तरफ से डिलीवरी ब्वॉय आपके घर से सामान की शिपिंग कर लेता है और कस्टमर के एड्रेस तक पहुंचा देता है। इस तरह कंपनी के तरफ से आपको कपड़े की शैलींग की प्राइस भी दे आपके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाता है।

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सिलाई काम के कार्य के लिए स्टाफ

चूंकि अब घर से काम कर रहे हैं तो आपको सिलाई के लिए किसी भी स्टाफ की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। क्योंकि घर में इतनी जगह नहीं होती है कि आप स्टाफ को लगा सके। परंतु यदि आप घर से कार्य करते करते अपने व्यवसाय को बड़ा करके किसी अन्य स्थान पर चालू करते हैं तो आप वहां स्टाफ रख सकते हैं।

कई बार तो लोग आप से सीखने के लिए भी आएंगे। परंतु यदि आप अपने कार्य को छोड़कर के उन पर ध्यान देंगे तो आपके कार्यशैली में देरी हो सकती है, इस कारण भी स्टाफ रखे जाते हैं। फैंसी यदि आपका व्यवसाय बड़ा है तो आप उसमें कम से कम 2 स्टाफ रख कर के अपने कार्य को ज्यादा अच्छी तरीके से पूरा कर सकते हैं।

ध्यान रहे की स्टाफ को समय पर उनकी सैलरी देना जरूरी है वरना फिर इस तरह स्टाफ आपकी दुकान में टीकेगा नहीं। और जब आप इस स्टाफ का चयन करें तो उसकी काबिलियत को भी जरूर देखें उसे अच्छी सिलाई आनी चाहिए ताकि वह काम का नुकसान ना करें।

यदि आपका बजट कम है और आप स्टाफ को नियुक्त नहीं कर सकते हैं लेकिन आपके पास ज्यादा काम आ रहा है तो ऐसे में आप चाहे तो किसी भी स्टाफ को ट्रेनिंग के आधार पर रख सकते हैं। आप ऐसे स्टाफ को नियुक्त कर सकते हैं जो सिलाई सीखना चाहता है इस तरह वह आपके काम में मदद भी कर देगा और आप उसे फ्री में ट्रेनिंग भी दे देंगे।

सिलाई काम के कार्य के लिए लागत

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले हमें इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए हमें कितना लागत निवेश करने की जरूरत होगी।

अगर आप सिलाई के व्यवसाय को छोटे स्तर से शुरू करते है तो इस व्यवसाय को आप 5000 तक के निवेश से चालू कर सकते है और अगर आपका प्लान किसी बड़े स्तर के व्यवसाय का है तो इसमें आपको कम से कम 1,00,000 तक का खर्च लग सकता है।

इसके लिए आपको केवल शुरुआती दौर में खर्च आएगा, जिसके बाद आप की लागत का पैसा बरामद होने के बाद से फायदा मिलता है। कई बार निवेश करने के साथ-साथ ही आपको फायदा नहीं होता परंतु कुछ समय बाद इसका असर दिखने लगता है। जैसे-जैसे आपका व्यवसाय बढ़ता जाएगा वैसे वैसे आपको फायदा प्राप्त होता जाएगा।

ज्यादातर दुर्लभ स्थानों पर ऐसे कार्य शुरू करने पर लाभ में बढ़ोतरी होती है और जल्द से जल्द मुनाफा इतना बढ़ जाता है कि हम और आप किसी भी स्थान हो या व्यवसाय को बड़े औढे पर खड़ा कर सकते हैं।

सिलाई कार्य में लाभ

यदि आप घर से सिलाई का कार्य शुरू करते हैं तो आपको आम लागत के बदले अच्छी खासी लाभ का फायदा हो सकता है। कई बार यह भी देखा गया है कि शुरुआती दौर में भले ही लाभ प्राप्त ना हो परंतु फिर भी बाद में लाभ इतना ज्यादा हो जाता है कि प्रसिद्धि बढ़ जाती है।

बहुत बार ऐसा भी हुआ है कि लोगों को शुरुआती दौर में हानि होने पर भी निराश हो जाते हैं और कार्य को बंद कर देते है। वहीं पर यदि आप लगातार अपने कार्य को चलाते रहेंगे तो कुछ ही समय में आप का लाभ 10000 से 30000 तक पहुंच जाएगा। कुछ इन्हीं कारणों के वजह से लोग सिलाई कढ़ाई के कार्य को करना ज्यादा पसंद करते हैं। इसमें लागत बहुत कम और लाभ बहुत ज्यादा होता है।

सरकार द्वारा भी ऐसी कई सारी सेवाएं लागू की गई है, जिसके वजह से आपको कम लागत की साथ ही बहुत ज्यादा मुनाफा भी प्राप्त हो सकता है। सरकार द्वारा चलाया गया सिलाई मशीन योजना भी बहुत बड़ा सफल रहा और सैकड़ों की तादाद में लोगों ने इसमें अपना अपना योगदान दिया।

कपड़े की सिलाई के व्यवसाय की हानि

बहुत लंबे समय तक सिलाई करने से बहुत से लोगों को कमर दर्द की समस्या रहती है, वहीँ बहुत रात तक सिलाई का काम करने से आंखों पर भी जोर पड़ता है। क्योंकि सिलाई करते वक्त एक ही जगह पर नजर टीका के रखना पड़ता है।

बहुत बार प्रेगनेंसी में लगातार सिलाई कार्य करने से ज्ञगर्भ दानी पर भी असर पड़ता है, जिससे बच्चे को तकलीफ पहुंचाता है। वैसे किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए उसके हानि को ध्यान में नहीं रखना चाहिए। क्योंकि हर काम में थकान होती है और हर काम का हमारे शरीर पर कुछ ना कुछ बुरा प्रभाव पड़ता है।

लेकिन यह तभी होता है जब उस कार्य को आप अपनी क्षमता से ज्यादा समय तक करते हैं। इसीलिए आर्डर चाहे कितना भी रहे लेकिन अपने शरीर पर प्रभाव डाल कर काम करना नहीं चाहिए।

कपड़ा सिलाई के व्यवसाय को किस तरीके से बढ़ाएं?

वैसे सिलाई के कार्य में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए आपके पास एक और अच्छा उपाय है कि यदि शुरुआत में आपको ज्यादा कार्य नहीं मिल रहा है तो आप अन्य लोगों को सिलाई का कार्य सिखा सकते हैं।

आज के सोशल मीडिया के समय में तो लोग नई-नई चीजों को सीखने की रूचि रखते हैं और सिलाई सीखना तो हर कोई चाहता है। शुरुआत में अगर आपके पास कम काम है या फिर यद आप किसी के कपड़े की सिलाई कर रहे हैं तब भी आप सिलाई करते करते वीडियो बना सकते हैं और उसे यूट्यूब पर अपलोड कर सकते हैं।

आप सिलाई का व्यवसाय शुरू करते हैं तब शुरुआत में हो सकता है कि आपको थोड़ा कम मुनाफा हो लेकिन इसको तेजी से ग्रो करने के लिए शुरुआत में आप सिलाई के चार्ज को कम रखें। इसके लिए आप अपने आसपास के सिलाई वालों का विश्लेषण करें कि वे लोग सिलाई का कितना चार्ज लेते हैं।

बहुत बार होता है कि कुछ कस्टमर कुछ सिला कर जाते हैं, बाद में उनके कपड़े की सिलाई निकलने लगती है। ऐसे में यदि वह कस्टमर आपके पास आते हैं तो उन्हें फ्री में दोबारा सील कर दें। इससे कस्टमर के बीच आपकी इमेज भी अच्छी होगी और वह आपके सिलाई के व्यवसाय का ज्यादा से ज्यादा प्रमोशन भी करेंगा।

हमेशा मार्केट में नए-नए डिजाइन को सर्च करते रहे क्योंकि हमेशा मार्केट में नई नई डिजाइन आती रहती है और उस ट्रेंड के हिसाब से ही लोग कपड़े पहनना पसंद करते हैं। आपके अंदर अच्छी-अच्छी क्रिएटिविटी है और नए-नए डिजाइन के कपड़े सिलते हैं तो ऐसे में लोग ज्यादातर आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा कपड़े सिलवाएगें।

आपके पास जो भी कस्टमर कपड़ा सिलवाने के लिए आता है उनके साथ अच्छा व्यवहार रखें और दिए गए समय पर ही उन्हें कपड़ा सिल कर दें और ध्यान रहे कि उनके कपड़े का कोई नुकसान ना पहुंचे। कपड़े की सिलाई हो जाने के बाद अच्छे से उसे फोल्ड करके रख दें।

सिलाई के कार्य में रिस्क

ऐसा जरूरी नहीं है कि किसी भी व्यवसाय में केवल अच्छा ही अच्छा और लाभ ही लाभ हो। कई बार पैसे डूबने और हानि होने की भी आसार रहते हैं। सिलाई बुनाई के कार्य में भी कुछ ऐसे ही चीजों को महसूस किया गया है जैसे कि यदि आप किसी भी कार्य को समय पर नहीं कर पाते हैं तो इससे आपके व्यवसाय पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। यहां तक की बाकी लोगों के कार्य में विलंब होने के भी कारण बन सकता है।

इसमें और कई प्रकार के रिस्क होते हैं, जिनमें हम समय सीमा और उचित कार्य को शामिल कर सकते हैं। लोग हमेशा ही उन लोगों के पास कपड़े देते हैं, जिन पर उन्हें पूरा भरोसा होता है। इसलिए भरोसा भी एक बहुत अच्छी निब बन सकती है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति अपने कार्य को सही ढंग से करता है तो उसके लिए रिस्क का कम होना स्वाभाविक है।

वैसे तो है ही व्यवसाय में बाधा और रिस्क का खतरा रहता है, परंतु यदि कोई काम हम घर से शुरू कर रहे हैं तो उसके लिए हमें सबसे पहले यह चीज का ध्यान रखना चाहिए कि हमारे कार्य से घर में किसी को तकलीफ ना हो।

FAQ

सिलाई बुनाई के कार्य को शुरू करने के लिए किन प्रकार की चीजों का ध्यान रखना होता है?

जब भी आप सिलाई बनाए का कार्य शुरू करें तो आपको इसी का ध्यान रखना होता है कि आप की लागत कम से कम हो और आपका कार एकदम सटीक हो।

रिस्क को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?

डिस्को को कम करने के लिए आपको इस चीज का ध्यान रखना पड़ेगा कि आपकी कार्य में कोई ढिलाई ना हो और समय सब पर आप अपने कार्य को पूरा कर सकें।

कम लागत और ज्यादा लाभ से क्या मतलब है?

कम लागत का अर्थ होता है कि हम अपने कार्य व्यवसाय में केवल उतनी ही राशि का उपयोग करें, जितना हमें उसके लिए जरूरत है और अपना व्यवसाय शुरू करें। जिसके बाद हमें यदि ज्यादा लाभ होता है तो उससे मैं अपने व्यवसाय में सुधार कर सकते हैं।

सिलाई के कार्य के लिए किस प्रकार के स्थान को चुनना ज्यादा बेहतर रहेगा?

सिलाई के कार्य को करने के लिए छोटे-मोटे कस्बे और ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए। जहां पर कोई भी आपका कंपीटीटर ना हो।

महिलाओं के कपड़े सिलने से क्या लाभ है?

महिलाओं के कपड़े सिलने से यही लाभ है कि उनके कपड़े ज्यादा तादात में सिले जाते हैं और समय-समय पर उनके द्वारा कपड़े लिए जाते हैं, जिसके लिए पाठ सिलाई बनाने का कार्य किया जाता है।

सिलाई मशीन का धागा बार-बार टूटने का क्या कारण है?

शुरुआत में जो भी कोई सिलाई सिखता है तो बार-बार सिलाई मशीन के धागा टूट जाने की समस्या उनके साथ रहती है। इसका कारण बार-बार सुई के पॉइंट के मार खाने से होता है या फिर वह सुई टेड़ी रहती है, जिस कारण भी धागा टूट जाता है या अगर सुई के नीचे की प्लेट धारदार हो तो उस कारण भी धागा टूट जाता है। इसके अतिरिक्त कंचन प्लेट से सुई के टकराने से भी धागा टूट जाता है।

निष्कर्ष

वर्तमान समय की तो हर किसी को पता है कि एक व्यक्ति के लिए कार्य करना कितना ज्यादा आवश्यक है। इतना ही नहीं आज के समय में तो महिलाएं भी कार्यशैली में अपना अपना योगदान दे रही हैं। परंतु सिलाई बुनाई के कार्य उनसे अच्छी तरीके से होता है, इस कारण भी इस कार्य को ज्यादा प्रियता मिल रही है।

यदि कोई व्यक्ति अपने कार्य को घर से शुरू करना चाहता है तो सिलाई का कार्य उसके लिए एकदम सटीक उपाय होगा। इसके बावजूद लोग इन कार्यों को छोड़कर के घर से बाहर जाते हैं और दूसरों के अंदर में रहकर के कार्य करते हैं। जबकि इन सरल उपायों से वे आसानी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख घर बैठे सिलाई का काम कैसे करें? (Silai ka Kaam Kaise Shuru Kare) आपको पसंद आया होगा, इसे आगे शेयर जरूर करें। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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