मिठाई की दुकान कैसे खोलें?

Sweet Shop Business Plan in Hindi: आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं मिठाई की दुकान के व्यवसाय के बारे में। इस व्यवसाय को कैसे खोला जाता है, व्यवसाय के लिए कच्चा माल क्या होता है, रजिस्ट्रेशन कैसे किया जाता है, इस व्यवसाय की लागत, लाभ और जोखिम क्या-क्या होती है। तो चलिए बात करते हैं मिठाई की दुकान के व्यवसाय के बारे में।

Sweet Shop Business Plan in Hindi
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मिठाई की दुकान के व्यवसाय से आशय ऐसे व्यवसाय से है, जिसमें विभिन्न प्रकार की मिठाई का उत्पादन कार्य एवं विक्रय किया जाता है। यह व्यवसाय किसी भी स्तर से शुरू किया जा सकता है। यदि आप एक ऐसे व्यवसाय की खोज कर रहे हैं, जो कम लागत से शुरू होकर अधिक मुनाफा व अधिक कमाई है तो यह व्यवसाय आपके लिए उपयुक्त होगा।

मिठाई की दुकान कैसे खोलें? | Sweet Shop Business Plan in Hindi

मिठाई की दुकान कैसे शुरू करें? (Sweet Shop Business Plan in Hindi)

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले हमें उस व्यवसाय से संबंधित समस्त जानकारियों को प्राप्त करना चाहिए, जिससे उस व्यवसाय में आने वाली जोखिम और हानियों को कम किया जा सके।

मिठाई के व्यवसाय को शुरू करने से पहले हमें जानना होगा कि यह व्यवसाय किस विशेष मिठाई के लिए शुरू किया जाए एवं साथ-साथ अन्य दूसरी कौन सी मिठाइयों को बेचा जाए। क्योंकि प्रत्येक मिठाइयों को बनाने में अलग-अलग विधि और कच्चे माल का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही आप किसी विशेष मिठाई की फ्रेंचाइजी लेकर भी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले आप बाजार का रिसर्च जरूर करें, जिससे आपको यह आईडिया हो जाएगा कि उस स्थान पर आपकी मिठाई की मांग कितनी है, ग्राहकों की संख्या कितनी है। क्या आपका व्यवसाय उस स्थान पर सफल हो सकता है या नहीं।

मिठाई की दुकान के लिए कच्चा माल

किसी भी व्यवसाय के उत्पादन कार्य को करने के लिए हमें कच्चे माल का प्रयोग करना होता है। मिठाई व्यवसाय की यदि बात की जाए तो इसमें विभिन्न मिठाइयों को बनाने के लिए कच्चे माल का प्रयोग किया जाता है। जैसे शक्कर, मावा, मैदा, बेसन, घी, तेल, गुड, ड्राई फ्रूट्स आदि। जो आपको अपने किसी भी लोकल एरिया मार्केट से प्राप्त हो सकता है।

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मिठाई की दुकान चलने की संभावना

यदि इस व्यवसाय के भारत में चलने की संभावना की बात की जाए तो यह व्यवसाय भारतीय जीवन शैली से जुड़ा हुआ व्यवसाय है। जैसा कि हम जानते हैं भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं और वह अपने धर्म के हिसाब से विभिन्न त्योहारों कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिनमें मिठाई और खाने पीने की चीजों का सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। जैसे दीपावली, होली, रक्षाबंधन आदि।

सब त्योहारों मैं लोग मिठाई का उपयोग लोगों को बांटने और खिलाने में करते हैं। इसके अलावा जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि मौकों पर भी मिठाई का उपयोग किया जाता है। क्योंकि भारत में भौगोलिक विविधताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक और खानपान में भी विविधता पाई जाती है, जिससे मिठाइयों में भी कई प्रकार की मिठाई उपलब्ध है। जैसे बंगाली, गुजराती मिठाई, कन्नड़ मिठाई आदि प्रचलन में है।

इसका आशय यह है कि व्यवसायी अपनी लोकेशन के हिसाब से ही मिठाई का चयन कर सकता है। वर्तमान समय में लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की वजह से मिठाई और मीठे पदार्थों का कम सेवन करते हैं। लेकिन उन्हें अपनी परंपराओं और संस्कृति को निभाने के लिए इसका उपयोग करना ही होता है।

मिठाई की दुकान के लिए आवश्यक उपकरण

किसी भी व्यवसाय को संचालित करने के लिए हमें कुछ आवश्यक मशीन एवं उपकरण की आवश्यकता होती है, जो कि इस व्यवसाय को गति प्रदान करते हैं। मिठाई व्यवसाय (Mithai ki Dukan) कि यदि बात की जाए तो इनमें उपकरण के रूप में मुख्य रूप से गैस चूल्हा, मिठाई को स्टोर करने के लिए बड़े-बड़े फ्रीजर, बड़ी कढ़ाई, पानी को रखने के लिए टंकी आदि की आवश्यकता होती है। इन सब को खरीदने के लिए आपको कम से कम 80 हजार से 1 लाख रूपये की आवश्यकता होगी।

स्थान का चयन

मिठाई व्यवसाय के लिए स्थान का चयन करते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस व्यवसाय के लिए लोकेशन ऐसी होना चाहिए, जहां से लोगों का बहुत अधिक आना जाना हो और लोग आसानी से आपकी दुकान तक पहुंच सके।

आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आसपास पहले से स्थापित कोई मिठाई की दुकान ना हो। यदि आप की दुकान मुख्य बाजार के पास है तो यह आपके व्यवसाय के लिए बहुत अच्छा होगा और शुरुआत में ही आप अच्छी बिक्री कर सकते हैं।

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फिक्सिंग एवं फर्निशिंग

दुकान के लिए स्थान का चयन करने के पश्चात आपको अपनी दुकान में बिजली की व्यवस्था, किचन सेटअप एवं अन्य फर्निशिग  के कार्य करने होते हैं। जैसा कि हम देखते हैं मिठाई की दुकान पर कांच के ग्लास वाली टेबल एवं रैक का इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोग आसानी से मिठाइयों को देख सकें और मिठाइयां भी कीड़े व धूल गंदगी से सुरक्षित रह सकें और उनका डिस्प्ले अच्छे से हो सके।

इस हेतु आपको स्लाइडिंग वाली ग्लासेस लगाने होंगे। आप अपनी दुकान की दीवालो पर रैक एवं काँच या लकड़ी के रैक दीवारों पर भी लगवा सकते हैं, जहां आप मिठाई के डिब्बे एवं पैक किए हुए डिब्बों को रख सकते हैं। आप अपनी दुकान पर आर्किटेक्ट का काम भी करवा सकते हैं। यदि आपकी दुकान की लागत अधिक है। इससे आपकी दुकान आकर्षक और लोगों को अपनी ओर खींचने में कामयाब होगी। इससे आपकी दुकान की मिठाइयों की बिक्री भी बढ़ जाएगी।

मिठाई की दुकान का नाम (Sweet Shop Name Ideas in Hindi)

  1. मिठाई दा ढाबा
  2. स्वीट्स अड्डा
  3. स्वीट्स फैक्ट्री
  4. मेरी मिठाई
  5. स्वीटस सोसाइटी
  6. इंडिया स्वीट्स
  7. मेरी सिटी मेरी मिठाई
  8. स्वीट्स प्लांट
  9. जनता स्वीट्स
  10. मीठा रसगुल्ला

मिठाई की दुकान के लिए आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

मिठाई के व्यवसाय को शुरू करने के लिए हमें कुछ वैधानिक पंजीकरण या और रजिस्ट्रेशन करवाने होते हैं। क्योंकि यह व्यवसाय लोगों के खानपान और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ होता है। इसलिए आपको फूड लाइसेंस बनवाना होता है। यह लाइसेंस एफएसएसएआई के माध्यम से प्रदान किया जाता है।

इसके अलावा आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करना आवश्यक है। वर्तमान समय में यह सभी रजिस्ट्रेशन और पंजीकरण बड़े ही आसानी से हो जाते हैं। इसके साथ ही आपको स्थानीय प्रशासन नगर निगम व नगर पालिका से भी संपर्क करना होता है। इसके लिए म्युनिसिपल अधिकारी आपकी दुकान का ब्यौरा का निरीक्षण करेंगे और इसके पश्चात आपको लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा।

मिठाई व्यवसाय के लिए कर्मचारियों की भर्ती

प्रत्येक व्यवसाय के संचालन के लिए हमें कुछ कर्मचारियों व मजदूरों की आवश्यकता होती है, जो उस कार्य को करते हैं। मिठाई व्यवसाय के लिए भी हमें हलवाईयों की आवश्यकता होती है। यदि आप स्वयं एक हलवाई है तो आप यह कार्य स्वयं कर सकते हैं।

केवल आपको सहयोग के लिए व्यक्तियों की आवश्यकता होगी। लेकिन यदि आप मिठाई बनाना नहीं जानते हैं तब आपको हलवाई और उसके साथ-साथ मदद करने के लिए मजदूरों की भी आवश्यकता होगी बदले में आपको उन्हें भुगतान करना होगा। नियुक्त हलवाई अपने कार्य में निपुण होना चाहिए ताकि लोगों को आपकी दुकान की मिठाई पसंद आए।

मिठाई की पैकिंग

मिठाई व्यवसाय में आपको अपनी मिठाइयों को पैक करने के लिए पैकिंग की भी व्यवस्था करनी होगी। इसके लिए आप ढाई सौ ग्राम, 500 ग्राम और 1 किलो के हिसाब से डिब्बे रख सकते हैं। साथ ही पॉलिथीन या बैग को भी रख सकते हैं।

इन पैकिंग बॉक्स पर आप अपनी दुकान का विज्ञापन भी कर सकते हैं। ताकि जब भी वह मिठाई किसी दुकान या घर जाए तो उसे आपकी दुकान का नाम याद हो और वह आपकी दुकान पर आ सके।

मिठाई दुकान में लगने वाली लागत

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने मैं मुख्य तत्व जो होता है, वह उस व्यवसाय की लागत होती है। मिठाई व्यवसाय कम लागत से लेकर अधिक लागत का हो सकता है और यदि आप अपने व्यवसाय को निम्न स्तर से शुरू करना चाहते हैं तब इसकी लागत 1 लाख से 2 लाख रूपये तक की होगी।

लेकिन यदि आप अपनी मिठाई की दुकान को एक संस्थान या एक बड़े स्तर पर खोलना चाहते हैं तो इसकी लागत बढ़ जाएगी। क्योंकि इसमें आपको इंटीरियर डिजाइनिंग और लाइटिंग आदि की व्यवस्था करनी होगी। सामान्यतया इस व्यवसाय में जो मुख्य लागत आती है वह कच्चा माल उपकरण और रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस में आती है।

मिठाई की दुकान से मुनाफा

वैसे तो यह व्यवसाय साल भर चलने वाला व्यवसाय है परंतु इसमें सबसे ज्यादा कमाई त्योहार के समय होती है। क्योंकि उस समय इसकी मांग सबसे अधिक होती है। यदि मिठाई की दुकान से मुनाफा कि हम बात करें तो यह अच्छा कमाई करने वाला व्यवसाय है।

यदि आप अपने व्यवसाय को अच्छी तरह स्थापित कर मिठाइयों का विक्रय करते हैं तो इससे होने वाली कमाई महीने में 80 हजार से 1 लाख रूपये तक की होती है और त्योहार के सीजन में यह कमाई दुगनी हो जाती है।

मिठाई दुकान की मार्केटिंग

किसी भी व्यवसाय को स्थापित और उसे सफल बनाने के लिए मार्केटिंग एक अहम रोल प्ले करता है। सिर्फ एक अच्छे स्थान या लोकेशन पर व्यवसाय खोल देना ही काफी नहीं होता है। आपको अपने व्यवसाय की जान पहचान बढ़ाने के लिए लोगों से संपर्क करना होगा विज्ञापन आदि का सहारा लेना होगा।

अपनी दुकान को खोलते समय लोगों को आमंत्रित करें और उन्हें अपनी दुकान की बनी हुई मिठाई टेस्ट करवाएं, जिससे लोग आपकी दुकान के बारे में अच्छे से जान जाएंगे। इसके अलावा आप मिठाई की दुकान का विज्ञापन न्यूज़ पेपर, सोशल मीडिया आदि पर करके भी दुकान का प्रचार प्रसार कर सकते हैं।

मिठाई की दुकान व्यवसाय में जोखिम

जोखिम किसी भी व्यवसाय का अभिन्न अंग होता है। लेकिन मिठाई व्यवसाय एक ऐसा व्यवसाय है, जिसकी मांग 12 महीने होती है। यदि आप अपने व्यवसाय को सही तरीके से एवं साफ सफाई का ध्यान रखते हुए संचालित करते हैं एवं अपनी मिठाई की गुणवत्ता को बनाकर रखते हैं तो आपकी जोखिम कम हो जाएगी। इस तरह इस व्यवसाय में किसी भी तरह की जोखिम विद्यमान नहीं होती है।

FAQ

क्या मिठाई की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ती है?

जी हां, मिठाई के बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है। लाइसेंस के तौर पर आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना होगा उसके साथ ही साथ खाद्य विभाग के तहत आपको FSSAI रजिस्ट्रेशन लाइसेंस भी लेना होगा।

क्या मिठाई की दुकान के लिए पैकेजिंग जरूरी है?

जी हां दोस्तों मिठाई की दुकान का बिजनेस यदि आप शुरू करते हैं तो आपको बेहतरीन पैकेजिंग सुविधा लोगों के लिए उपलब्ध करवानी होगी। साथ ही साथ पार्सल डिलीवरी सुविधा उपलब्ध करवाते हैं तो और भी अधिक उचित रहेगा।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने बात की मिठाई दुकान को स्थापित करने और उस में प्रयोग होने वाली अन्य प्रक्रियाओं का कि इस व्यवसाय को शुरू करते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे हमारे व्यवसाय की जोखिम कम हो और मुनाफा बढ़ सकें।

उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और मिठाई व्यवसाय से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर आपको आज के इस आर्टिकल मिठाई की दुकान कैसे खोलें? (Sweet Shop Business Plan in Hindi) के माध्यम से मिले होंगे। यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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