मेडिकल स्टोर कैसे खोले? (प्रक्रिया, नियम, निवेश, मुनाफा और लाइसेंस)

Medical Store Business Plan in Hindi: यदि आप सभी लोग पढ़े लिखे हैं और अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो हम आपके लिए एक ऐसा बिजनेस आइडिया लेकर आए हैं, जिसके माध्यम से आप सभी लोग बहुत ही कम लागत में बड़ी किफायती एवं सदाबहार व्यापार कर पाएंगे।

आपको यह बिजनेस शुरू करने के लिए अपने बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मात्र 2 साल या 4 साल के फार्मेसी कोर्स को पूरा करने के बाद बड़ी आसानी से बिजनेस शुरू कर पाएंगे।

भारत में फार्मेसी बिजनेस अर्थात मेडिकल शॉप एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें अर्थव्यवस्था में ऊंच-नीच का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। आप बड़ी ही आसानी से एक अच्छा सा मेडिकल स्टोर शुरू कर सकते हैं और लोगों को दवाइयां भी सेल कर सकते हैं।

Medical Store Business Plan in Hindi
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आज सभी लोगों को फार्मेसी का कोर्स करने के बाद लाइसेंस जारी करवाना होता है और लाइसेंस जारी होते ही आप उचित स्थान पर बहुत ही कम लागत में मेडिकल स्टोर अर्थात फार्मेसी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। दवाइयां स्वास्थ्य से संबंधित होती हैं, अतः मनुष्य का स्वास्थ्य हर मौसम में इस बढ़ते प्रदूषण के कारण बिगड़ती ही जा रही है।

अतः यदि आप उन लोगों को दवाइयां सेल करेंगे तो आपको काफी मुनाफा होगा। आपको इस बिज़नेस में लगभग 50% से 70% तक का मुनाफा हो सकता है।

यदि आप जाने के लिए इच्छुक है कि मेडिकल स्टोर अर्थात फार्मेसी का बिजनेस कैसे शुरू करें तो कृपया हमारे द्वारा लिखे गए इस महत्वपूर्ण लेख मेडिकल स्टोर कैसे खोले (Medical Shop Business Plan in Hindi) को अंत तक अवश्य पढ़ें।

मेडिकल स्टोर कैसे खोले? (प्रक्रिया, नियम, निवेश, मुनाफा और लाइसेंस) | Medical Store Business Plan in Hindi

Table of Contents

मेडिकल स्टोर बिजनेस क्या है?

मेडिकल स्टोर बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है, जहां पर स्वास्थ्य की देखभाल के संबंध में प्रोडक्ट्स बेचे जाते हैं। मेडिकल स्टोर भी एक प्रकार का दुकान ही होता है, फर्क सिर्फ इतना है कि दुकान कोई भी अनपढ़ व्यक्ति शुरू कर सकता है। परंतु मेडिकल स्टोर खोलने के लिए व्यक्ति को पढ़ा लिखा एवं फार्मेसी की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।

लगभग सभी दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें लोग डॉक्टर के सलाह के अनुसार लोग लेते हैं। परंतु ऐसे में ही कुछ दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें बिना किसी भी डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ग्राहक खरीदने हैं या मेडिकल स्टोर पर जाकर अपनी तकलीफ बताते हैं तो मेडिकल स्टोर वालों को उन्हें दवाइयां देनी पड़ती है।

परंतु दवाइयां देते समय उन्हें उस दवाई के विषय में पूरी जानकारी होनी चाहिए। यही कारण है कि मेडिकल स्टोर खोलने के लिए व्यक्ति को पढ़ा लिखा एवं फार्मेसी की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।

हमारे कहने का यही अभिप्राय है कि फार्मेसी का बिजनेस अर्थात मेडिकल स्टोर पर थोक विक्रेता एवं फुटकर विक्रेता के लिए अलग-अलग लाइसेंस जारी करवाना पड़ता है। मेडिकल स्टोर पर मुक्त या फुटकर दवाइयां ही बेची जाती है। क्योंकि यह ज्यादातर मनुष्य के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है, मनुष्य के स्वास्थ्य से जुड़े होने के कारण दवाइयों को नियमों के अनुसार एवं संपूर्ण सावधानी के साथ दवाएं लेने की जानकारी ग्राहकों की जाती है।

अतः यह एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें कभी भी मंदी नहीं आती। दुनिया के अमीर से अमीर लोग अपने पैसों को कहीं भी खर्च करें परंतु उन्हें बीमारी के चपेट में आने के बाद अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना पड़ता है और इसके लिए वे सभी लोग अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष रूप से खर्च करते हैं।

केवल अमीर व्यक्ति ही नहीं बल्कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वास्थ्य के लिए दवाइयां खरीदता है। अतः मनुष्यों की तबीयत सभी मौसम में खराब तो होती ही है। इस प्रकार से इस बिजनेस को सदाबहार बिजनेस कहना किसी भी तरीके से गलत नहीं होगा।

मेडिकल स्टोर कैसे खोलें? (Medical Store Kaise Khole)

यदि आप मेडिकल स्टोर शुरू करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले फार्मेसी कोर्स करना होगा। फार्मेसी कोर्स एक ऐसा कोर्स है, जिसके कंप्लीट होने पर एक सर्टिफिकेट दिया जाता है और आप इस सर्टिफिकेट की मदद से अपने मेडिकल स्टोर के लिए एक नया लाइसेंस जारी कर पाते हैं।

आप इसी लाइसेंस के माध्यम से मेडिकल स्टोर का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही अच्छा होगा। मेडिकल स्टोर का बिजनेस आप सभी लोग फार्मेसी कंप्लीट करने के बाद बड़े स्तर पर शुरू कर सकते हैं।

मेडिकल स्टोर के लिए कोर्स (Medical Store Kholne ke Liye Course)

यदि आप फार्मेसी कोर्स के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो बता दे कि फार्मेसी कोर्स करने के लिए आपको चार ऑप्शन मिल जाएंगे।

आप इनमें से किसी भी एक कोर्स को चुनकर डिग्री हासिल करने के बाद अपनी फार्मेसी का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। परंतु उपयोगिता एवं डिग्री के अनुसार इनकी कार्यप्रणाली अलग-अलग है। आइए जानते हैं, यह चारों ऑप्शन कौन-कौन से हैं:

डी फार्मा

यदि आप केवल मेडिकल स्टोर शुरू करना चाहते हैं तो यह कोर्स आपके लिए बहुत ही अच्छा होगा। क्योंकि इस कोर्स को करने के लिए ज्यादा समय की आवश्यकता नहीं है। यह कोर्स मात्र 2 वर्षों का ही होता है, आप 2 वर्षों के अध्ययन के बाद डी फार्मा की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं और एक अच्छा मेडिकल स्टोर शुरू कर सकते हैं।

आप डी फार्मा की डिग्री प्राप्त करने के लिए अपनी बारहवीं कक्षा के बाद से ही फार्मेसी की डिग्री के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आप डी फार्मा करना चाहते हैं तो आपको साइंस वर्ग के माध्यम से 12 वीं पास होना चाहिए।

एम फार्मा

यह बी फार्मा के बाद किया जाने वाला कोर्स फार्मा होता है। यह एक ऐसा कोर्स है, जिसमें आपके के 2 वर्ष और लगेंगे। बहुत से ऐसे संस्थान है, जो केवल उन्हीं उम्मीदवारों को अपने विद्यालय अर्थात कॉलेज में एडमिशन देते हैं, जिनके बी फार्मा में 50% अंक या उससे अधिक अंक प्राप्त होते हैं।

बी फार्मा

यदि आप मेडिकल स्टोर शुरू करना चाहते हैं तो बी फार्मा कोर्स कर सकते हैं। हालांकि बी फार्मा करने के बाद आपको किसी सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल्स में जॉब भी मिल सकती है।

यह 3 वर्षों का कोर्स होता है, जिसमें आपको 1 महीने का औद्योगिक प्रशिक्षण भी फार्मा क्यूटिकल कंपनी के द्वारा दिया जाता है। आप इस कोर्स को करने के लिए सरकारी संस्थान या किसी प्रसिद्ध संस्थानों का ही चयन करें।

फार्मा डी

यदि कोई उम्मीदवार 12वीं पास करने के बाद फार्मेसी में डिप्लोमा हासिल करना चाहता है तो उसे यह कोर्स करना अनिवार्य है। आपके लिए फार्मेसी में डिप्लोमा हासिल करने के बाद बहुत से सरकारी रास्ते खुल जाते हैं। आप व्यक्तिगत रूप से खुद का अपना एक मेडिकल स्टोर शुरू कर सकते हैं और बड़ी आसानी से थोक विक्रेता भी बन सकते हैं।

मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए आवश्यक स्थान का चयन

यदि आप मेडिकल स्टोर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं और शुरू करने के बाद यदि आप अपने बिजनेस में सफलता पाना चाहते हैं तो बिजनेस की सफलता भी मेडिकल स्टोर के लोकेशन अर्थात मेडिकल स्टोर के लिए आवश्यक स्थान पर निर्भर करती है।

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए सबसे अच्छा स्थान हॉस्पिटल के बाहर, क्लीनिक के सामने और ऐसे ही बड़े-बड़े हॉस्पिटलों के बगल में या सामने मेडिकल स्टोर खोलने से आप सभी लोगों को काफी लाभ प्राप्त हो सकता है।

यदि कोई भी नया व्यापारी ऐसे स्थानों पर मेडिकल स्टोर शुरू करके बिजनेस करना चाहता है तो उसके लिए यह बिजनेस बहुत ही अच्छा सिद्ध हो सकता है। आपके पास मेडिकल स्टोर पर फुटकर विक्रेता के साथ-साथ थोक विक्रेता की भी लाइसेंस मिल जाती है तो आप सभी लोगों के लिए यह बिजनेस सोने पर सुहागा हो सकता है।

अतः आप सभी उद्यमियों को इस बात पर अवश्य ही ध्यान रखना चाहिए कि जिस स्थान पर आप मेडिकल स्टोर खोल रहे हैं, उस स्थान पर कितने मेडिकल स्टोर और उपलब्ध है और कैसे हैं, आपको अपने मेडिकल स्टोर को काफी अच्छे से डेकोरेट करके रखना चाहिए और ग्राहकों को सदैव संतुष्ट करना चाहिए।

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मेडिकल स्टोर के लिए स्टाफ की नियुक्ति

यदि आप मेडिकल स्टोर को बड़े स्तर पर खोल रहे हैं आपका दुकान बड़ा है तो ऐसे में आपको कुछ स्टाफ को नियुक्त करने की जरूरत पड़ सकती है और आप जो भी स्टाफ नियुक्त करेंगे, उनका पढ़ा लिखा होना भी जरूरी है। ताकि वह ग्राहकों को दवा देने में भी मदद कर सके। इसके अतिरिक्त आपको कुछ स्टाफ बिल बनाने के लिए भी जरूरत पड़ेगी।

मेडिकल स्टोर के लिए प्रचार प्रसार

वैसे तो मेडिकल स्टोर ज्यादातर लोग हॉस्पिटल या क्लीनिक के आस-पास ही खोलते हैं, जहां पर लोगों की नजर पहुंच ही जाती है और वैसे भी हॉस्पिटल या क्लीनिक के आसपास लोग खुद ही क्लीनिक को ढूंढ ही लेते हैं।

इसमें कोई शक नहीं है कि यदि आपका मेडिकल स्टोर किसी भी हॉस्पिटल या क्लीनिक के आसपास है तो वह निश्चित रूप से चलेगा। लेकिन फिर भी एक हॉस्पिटल या क्लीनिक के आस पास बहुत सारे अन्य मेडिकल स्टोर भी होते हैं। ऐसे में काफी कॉन्पिटिशन भी रहता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने मेडिकल स्टोर की थोड़ी बहुत प्रचार प्रसार जरूर करवाएं।

होम डिलीवरी की सुविधा

आजकल हर तरह का व्यवसाय ऑनलाइन हो गया है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस तरह का व्यवसाय कर रहे हैं, लेकिन यदि आप अपने व्यवसाय को ऑनलाइन स्तर पर लेकर जाते हैं तो बहुत ज्यादा संभावना होती है आपके व्यवसाय के विकास की।

अपने मेडिकल स्टोर के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए आपको होम डिलीवरी की सुविधा दे सकते हैं। इसके लिए आप चाहे तो खुद की एक वेबसाइट तैयार कर सकते हैं या एप्लीकेशन बनवा सकते हैं, जिसके जरिए लोग आपके मेडिकल स्टोर से दबाव का आर्डर कर सके।

क्योंकि आजकल बहुत सारे लोग दवाई भी ऑनलाइन आर्डर करते हैं ताकि उन्हें मेडिकल स्टोर जाने की जरूरत ना पड़े और उनके घर पर ही दवा पहुंच जाएं।

हालांकि यदि आप इस तरह होम डिलीवरी और ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा देना चाहते हैं तो आपको इसमें कुछ ज्यादा निवेश करना पड़ सकता है। क्योंकि इसमें आपको खुद की वेबसाइट तैयार करनी पड़ेगी, कुछ डिलीवरी ब्वॉय को रखना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त आपको एक ऐसे स्टाफ की भी जरूरत पड़ेगी, जो इन सब कामों को मैनेज करें।

मेडिकल स्टोर के लिए माल कहाँ से लें?

बात करें कि आप मेडिकल स्टोर में कहां से दवाओं का स्टॉक लाए। तो हर शहर में दवाई का होलसेल मार्केट होता है, जहां पर आपको वह दवाएं उचित दाम पर मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त उन मार्केट में जो दवां सप्लाई किया जाता है, वह अलग-अलग कंपनी से सप्लाई किया जाता है।

तो आप चाहें तो उन कंपनियों से भी व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके दवा मंगवा सकते हैं, वे आपके स्टोर तक डिलीवरी देकर जाएंगे। आप चाहे तो ऑनलाइन भी दवा मंगवा सकते हैं। जब आप स्टॉक में ऑनलाइन दवा मंगवाते हैं तो आपको सस्ते दाम पर मिल जाता है।

मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए लाइसेंस के अलग-अलग प्रकार

यदि आप मेडिकल स्टोर खोलना चाहते हैं और अपने फार्मेसी बिजनेस के लिए रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं तो आपको फार्मेसी बिजनेस के रजिस्ट्रेशन करने हेतु लोकेशन के आधार पर चार अलग-अलग भागों में बांटा गया है।

टाउनशिप फार्मेसी लाइसेंस (Township Pharmacy Licence)

यदि आप टाउनशिप फार्मेसी के अंतर्गत अपने फार्मेसी के बिजनेस को रजिस्टर कराना चाहते हैं तो आपको अपने स्थानीय ड्रग विभाग में चले जाना है और वहां पर बिजनेस शुरू करने के लिए आवेदन देना है।

आप जिस किसी भी बस्ती या गांव में मेडिकल स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपको उस गांव के लोगों से संबंधित और उनके रोगों से संबंधित सभी दवाओं की पूर्ति करना अनिवार्य है।

हॉस्पिटल फार्मेसी लाइसेंस (Hospital Pharmacy Licence)

यदि आप अपने फार्मेसी के बिजनेस से बहुत ही ज्यादा लाभ कमाना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा बिजनेस लोकेशन हॉस्पिटल फार्मेसी का आता है।

यदि आप अपने मेडिकल शॉप को हॉस्पिटल के आसपास शुरू करना चाहते हैं तो इस प्रकार के मेडिकल शॉप को हॉस्पिटल फार्मेसी मेडिकल शॉप कहां जाता है। आपको हॉस्पिटल के मरीजों की आवश्यकता अनुसार सभी दवाइयों एवं ऑपरेशन इत्यादि में आवश्यक चीजों की पूर्ति करनी होती है।

स्टैंड अलोन फार्मेसी लाइसेंस (Stand Alone Pharmacy Licence)

स्टैंड अलोन फार्मेसी के अंतर्गत आपको उन व्यक्तियों को दवाओं से परिपूर्ण करना है, जिस स्थान पर आप अपने मेडिकल स्टोर को खोलते हैं। आपको यदि इस प्रकार का बिजनेस शुरू करना है तो आपको लाइसेंस तभी मिलेगा, जब आप ऐसे इलाके में मेडिकल स्टोर शुरू करेंगे, जहां पर अब तक कोई भी मेडिकल स्टोर ना हो।

Chain Pharmacy Licence

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह बिजनेस कई ब्रांच में चला जाता है, आपको ऐसे बिजनेस शुरू करने के लिए स्पेशल परमिशन लेनी पड़ती है और परमिशन के साथ-साथ आपको लाइसेंस भी प्राप्त करने होते हैं।

मेडिकल स्टोर से कितना मुनाफा कमा सकते हैं? (Medical Store Profit)

मेडिकल स्टोर वाले को काफी ज्यादा फायदा होता है और आज के समय में तो व्यक्ति हर एक छोटी से छोटी समस्या के लिए दवाई का ही प्रयोग करता है और वैसे भी आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी ज्यादा चिंतित रहते हैं। इसमें मेडिकल स्टोर का व्यवसाय साल भर चलता है।

बात करें इसमें आपको कितना मुनाफा हो जाता है तो मेडिकल स्टोर के बिजनेस में दवाइयों की बिक्री पर आपको 30% से 40% कम मार्जिन लाभ मिलता है। लेकिन इसमें होने वाली कमाई आपके बिक्री पर भी निर्भर करती है। जितनी ज्यादा बिक्री होगी, आपकी कमाई उतनी ज्यादा होगी।

मेडिकल स्टोर खोलने में कितना पैसा लगता है?

एक मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए आपको अच्छी खासी लागत लगाने की जरुरत पड़ जाती है। इसके लिए आपको एक अच्छे लोकेशन में किराए पर जगह लेनी पड़ती है, दुकान में कुछ इंटीरियर डिजाइन भी करवाना पड़ता है, कुछ फर्नीचर करवाने पड़ते हैं, कुछ स्टाफ को भी नियुक्त करना पड़ता है और फिर दवाओं का स्टॉक लाना होता है।

इन सब में काफी ज्यादा खर्चा लगता है। इस तरह देखा जाए तो औसतन एक सामान्य आकार के मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए कम से कम ₹6 लाख से ₹7 लाख निवेश के रूप में जरूरत पड़ती है।

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए लोन कैसे लें?

यदि मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आपके पास ज्यादा निवेश नहीं है तो आप लोन ले सकते हैं। क्योंकि मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए काफी ज्यादा लागत लगती है। इसमें दुकान का रेंट, फर्नीचर, इसके अलावा दवां का खर्च और कुछ स्टाफ को नियुक्त करना है। इसके अतिरिक्त अन्य खर्च भी शामिल है।

इस तरह सात से ₹8 लाख का खर्चा आ जाता है और यदि आप अपने मेडिकल स्टोर का विस्तार करना चाहते हैं तो उसमें भी आप को पैसे की जरूरत पड़ती है। ऐसे हालात में यदि आपके पास इतना ज्यादा निवेश नहीं है कि आप आपने मेडिकल स्टोर का विस्तार कर सके या फिर मेडिकल स्टोर खोल सके तो आप बैंक की मदद ले सकते हैं।

आज के समय में जो भी व्यक्ति किसी प्रकार का व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो उसे बैंक से लोन बहुत आसानी से मिल जाता है। क्योंकि व्यवसाय शुरू करने वाले को बैंक काफी कम ब्याज दर पर लोन प्रदान करती है। इसके लिए आपको कुछ दस्तावेजों को ईकट्टा करने की जरूरत पड़ती है, जिसके बारे में आप अपने नजदीकी बैंक में जाकर जानकारी ले सकते हैं।

बस ध्यान रहे कि आपके पास फार्मेसी की डिग्री होनी चाहिए। उसके बाद आपको मेडिकल स्टोर खोलने के लिए लोन आराम से मिल जाएगा।

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मेडिकल स्टोर के बिजनेस के लिए लाइसेंस हेतु आवश्यक डॉक्यूमेंट

  • आपके हस्ताक्षर के साथ कवर लेटर
  • आपके बिजनेस प्लान की एक कॉपी
  • मेडिकल स्टोर के जगह की एक फोटो कॉपी
  • रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट शपथ पत्र
  • आपकी फार्मेसी डिग्री सर्टिफिकेट

मेडिकल स्टोर बिजनेस के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

यदि आप फार्मेसी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले लाइसेंस जारी करवाना पड़ेगा। यदि आपने डिग्री हासिल कर ली है और फार्मेसी लाइसेंस बनाना चाहते हैं तो आप सभी लोगों को हमारे द्वारा नीचे बताए गए महत्वपूर्ण स्टेप्स को फॉलो करने होंगे:

  • आपका लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपने जिले के ड्रग विभाग में चले जाना है।
  • आपको इस विभाग में जाने के बाद मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए एक आवेदन फॉर्म लेकर भर देना है।
  • आवेदन फॉर्म भरने के बाद आपको यह आवेदन पत्र उस विभाग के सहायक अधिकारी के पास जमा कर देना।
  • वह अधिकारी आपके सभी दस्तावेजों और सर्टिफिकेट के विषय में छानबीन करेगा।
  • सभी जानकारियां सही होने पर वह आपका लाइसेंस जारी कर देगा।
  • अब आपने जो मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन करते समय दिया था, उस पर एक कन्फर्मेशन मैसेज आएगा या आपको विभाग के द्वारा फोन करके बुलाया जाएगा।
  • अब आपको लाइसेंस दे दिया जाएगा और आप फार्मेसी बिजनेस को शुरू करने के लिए सक्षम हो जाते हैं।

बिजनेस को एक सही प्रगति देने के लिए क्या करें?

यदि आप अपने बिजनेस में अच्छी प्रगति देखना चाहते है तो आप हमारे द्वारा नीचे बताएं गए महत्वपूर्ण चरणों का पालन करें और आप भी इन चरणों का पालन करते हैं तो आप बड़ी आसानी से अपने व्यापार को एक अच्छी राह दे पाएंगे। तो आइए जानते हैं:

मेडिकल स्टोर के बिजनेस में आप हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी ग्राहकों को बिना प्रिसक्रिप्शन के दवाई ना दें। क्योंकि बहुत बार पेशेंट डॉक्टर से बिना इलाज करवाएं, अपने मन से ही अपनी बीमारी को बताकर मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं।

ऐसे में उन्हें समस्या कुछ और होती है और वह मेडिकल स्टोर वाले को कुछ और ही समस्या बता देते हैं और मेडिकल स्टोर वाले उसी के अनुसार दवाई देते हैं, जिस कारण उन पर साइड इफेक्ट भी पड़ जाता है।

अपने ग्राहकों से बनाएं अच्छा संबंध

किसी भी देश की प्रगति निर्भर करती है, उस बिजनेस के ग्राहकों पर। यदि आप भी अपने बिजनेस में एक अच्छी प्रगति देखना चाहते हैं तो कृपया अपने ग्राहकों से अच्छे से एवं प्रेम पूर्वक बातें करें।

इसलिए एक मेडिकल स्टोर चलाने वाले व्यापारी को हमेशा कोशिश करना चाहिए कि जो भी ग्राहक उसके स्टोर पर आए वह खाली हाथ ना जाए। यदि ग्राहक कुछ ऐसी दवाई की मांग करते हैं जो आपके स्टोर में मौजूद नहीं तो कोशिश करें जल्द से जल्द उस दवाई को उपस्थित कराने की।

ग्राहकों को पेमेंट करने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी जरुर दें। क्योंकि आज के समय में ज्यादातर लोग किसी भी चीज की खरीदारी पर ऑनलाइन ही पेमेंट करते हैं इसीलिए अपने दुकान में यूपीआई इस स्केन कोड जरूर रखें।

अपनी प्रोडक्ट की प्राइस को सही से निर्धारित करें

जैसा कि हम सभी जानते है कि मेडिकल स्टोर पर दवाएं सीधे कंपनियों से आती है तथा जो दवाइया हमें 10 रुपए की मिलती है, वही दवाइयां मेडिकल स्टोर के लोगों को 3 रूपए में मिल जाती है। यदि आप अपने ग्राहकों को एमआरपी प्राइस से ₹1 या ₹2 कम में दवाइयां देते हैं तो आपके ग्राहक उतने ही ज्यादा बढ़ेंगे और आपका व्यापार भी उतना ही बढ़ेगा।

नजदीकी डॉक्टरों से रखें अच्छा संबंध

यदि आप अपने आसपास के डॉक्टरों से अच्छा संबंध रखते हैं तो वह आप सभी लोगों को अनेकों ऐसे कस्टमर्स देते हैं, जिन्हें दवाइयों की आवश्यकता होती है। डॉक्टर आपको ग्राहक देने के लिए आपसे प्रति महीने की कुछ कमीशन रखते हैं।

डॉक्टर्स आपके प्रोडक्ट्स की सेलिंग में काफी मददगार सिद्ध हो सकते हैं। अतः आप अपने बिजनेस में प्रगति चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टरों से भी अच्छे से अच्छा संबंध बनाकर रखें।

मेडिकल स्टोर में रिस्क

मेडिकल स्टोर दवाई से जुड़ा बिजनेस है, जो स्वास्थ्य से संबंधित है। इसीलिए यह काफी सावधानी पूर्वक चलाई जाने वाली बिजनेस है। मेडिकल स्टोर में आप स्टॉक के रूप में जो भी दवाई लाते हैं, उसका एक निश्चित एक्सपायरी डेट होता है। आपको बहुत सावधानी रखनी पड़ती है कि आप किसी भी ग्राहक को एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी दवाई ना दें।

क्योंकि यदि भूल से भी एक्सपायरी डेट खत्म हो चुकी दवाई यदि आप बेच देते हैं और किसी भी ग्राहक को कुछ भी होता है तो आप पर बहुत बड़ा कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसीलिए अपनी दवा के एक्सपायरी डेट पर ध्यान देते रहें।

FAQ

फार्मेसी का बिजनेस क्या है?

यह एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें आप अपने स्टोर पर दवाएं बेचते हैं।

मेडिकल स्टोर बिजनेस शुरू करने के लिए योग्यताएं क्या होनी चाहिए?

आपको फार्मेसी की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।

क्या फार्मेसी का बिजनेस शुरू करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है?

जी हां! फार्मेसी की डिग्री प्राप्त करने के बाद आपको लाइसेंस जारी करवाना पड़ता है।

क्या किसी अन्य मेडिकल लाइसेंस से स्टोर खोल सकते हैं?

यदि आप सोच रहे हैं कि किसी अन्य मेडिकल स्टोर वाले के लाइसेंस से खुद का मेडिकल स्टोर खोलें तो बता दे कि यह पूरी तरीके से अवैध है। कोई भी व्यक्ति इस तरीके से कार्य करता है तो उसे गैर कानूनी कार्य के लिए उस पर कानूनी कार्यवाही की जाती है।

लाइसेंस जारी करवाने के लिए हमें कितना खर्च करना पड़ सकता है?

वैसे तो आपको यह लाइसेंस जारी करने के लिए कोई भी खर्च नहीं करना है, केवल ड्रग अधिकारी के पास जाकर फॉर्म भरना है।

निष्कर्ष

हम आप सभी लोगों से उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोगों को हमारे द्वारा लिखा गया यह महत्वपूर्ण लेख मेडिकल स्टोर बिजनेस कैसे शुरू करें? (medical store kaise khole) अवश्य ही पसंद आया होगा। हमने यहाँ पर मेडिकल खोलने के लिए कोर्स के बारे में भी विस्तार से बताया है।

यदि आप सभी लोगों को हमारा यह लेख वाकई में पसंद आया हो तो कृपया आप इसे अवश्य शेयर करें। यदि आपके मन में इस लेख को लेकर किसी भी प्रकार का कोई सवाल या सुझाव है, तो कमेंट बॉक्स में हमें अवश्य बताएं।

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